कपूरथला ( गौरव मढ़िया ) 28 जून को होने वाली रथ यात्रा के उपलक्ष में इस्कान कपूरथला की ओर से 39वी संध्या फ़ेरी गोपाल पार्क में बड़े हर्षो उल्लास के साथ निकाली गई। जिसमें भक्तों का सैलाब देखने को मिला। लोगो मे भगवान की रथ यात्रा प्रति उत्साह दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। सभी शहर निवासी बड़ी हि उत्सुक्ता के साथ रथ यात्रा का इंतज़ार कर रहे हैँ। लोगो ने भगवान जगन्नाथ जी की पालकी के समक्ष बहुत ही उत्साह से नृत्य किया। कालोनी वालो ने पुष्प वर्षा के साथ भगवान का स्वागत किया। ये हरिनाम संध्या फेरी श्री राम कृष्ण अग्रवाल, कपिल अग्रवाल के निवास स्थान से शुरु हो कर विनोद गोयल के निवास स्थान पर जाकर समाप्त हुई।
भगवान जगन्नाथ जी की कथा का गुणगान करते हुए संचालक नकुल दास (नीरज अग्रवाल) ने बताया की रथ यात्रा के दौरान हमने केवल खाते पीते हि नहीं रहना, अपना पुरा ध्यान हमने भगवान् के रथ मे रस्से को खींचने में लगाना है। जिस प्रकार रथ यात्रा के दौरान हमारे रास्ते में बहुत से प्रलोभन आएंगे उसी प्रकार हमारी भक्ति के रास्ते में भी बहुत से प्रलोभन आते हैँ। हमे करना क्या है अपनी भक्ति को उन प्रलोभनों के कारण रोकना नहीं है। बल्कि जो भी हमारे जीवन में हमे मिलता है उसे केवल भगवान् की सेवा में लगाना है। यही असली कृष्णभावनामृत है। वैसे भी इस संसार में जो कुछ है वो भगवान् का हि तो है, और हम सब उनके दास हैँ, तो मालिक की चीज मालिक को वापिस करने में केसा संकोच। यादी हम कोई वस्तु उसके मालिक के बिना पूछे इस्तेमाल करते हैँ तो हम चोर कहलाते हैँ।
इसी प्रकार यादी भगवान् का दिया हुआ हम भगवान को अर्पण किये बिना इस्तमाल करते हैँ तो हम सब भी चोर हि कहलाएंगे। एक भक्त के जीवन में यदी कुछ प्रलोभन आतें भी हैँ तो वह केवल उसकी परीक्षा लेने के लिए आते हैँ और हमने उस परीक्षा में फैल नहीं होना। हमने किसी भी हालात में भक्ति के पथ को नहीं छोड़ना क्योंकि केवल भक्ति के द्वारा हि हम भगवान् को जान सकते हैँ, भगवान को पा सकते हैँ।
प्रभु जी ने कहा की लोग बहुत उत्साह के साथ हरिनाम मे आ रहे है। भगवान के नाम का कीर्तन किया जाता है ओर उनकी दिव्य लीलाओ का श्रवण किया जाता है। जो व्यक्ति भगवान के नाम का कीर्तन करता हुआ रथयात्रा में शामिल होता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।उलेखनीय है की 28जून को शाम 5 बजे प्राचीन श्री रानी साहिबा मंदिर से, सभी शहर निवासियो के सहयोग के साथ भगवान की दिव्य रथ यात्रा निकाली जायेगी। सभी शहर निवासी रथ यात्रा में शामिल हो कर और रथ के रस्से को खींच कर अपने जीवन को सफल बनाएं।

