* राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल और एयर वाइस मार्शल हरजीत एस. सिदाना ने “रक्षक सम्मान अनुदान” छात्रवृत्ति के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
* ऑनलाइन और ऑफलाइन ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और प्रोफशनल प्रोग्राम के लिए लगभग 100% छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकते हैं
जालंधर; आर्मड फोर्स के शौर्य और बलिदान को श्रद्धांजलि देते हुए, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने भारतीय आर्मड फोर्स, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और एलाइड संगठनों के लिए एक बेहतर शिक्षा पहल, ‘रक्षक सम्मान अनुदान’ के साथ एक महत्वपूर्ण कदम को आगे बढ़ाया है। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार मित्तल, सांसद (राज्यसभा) और एलपीयू के फाउंडर चासंलर, और एयर वाइस मार्शल हरजीत एस. सिदाना, वीएसएम, सहायक वायु सेनाध्यक्ष (शिक्षा), भारतीय वायु सेना के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन भारतीय वायु सेना के सभी कर्मियों, चाहे वे सेवारत हों, सेवानिवृत्त हों या शहीद हों, और उनके आश्रितों के लिए 100% तक स्कॉलरशिप का मौका प्रदान करता है। ये छात्रवृत्तियाँ ऑनलाइन और रेगुलर दोनों मोड के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कानून, ह्यूमैनिटी सहित विभिन्न विषयों में दी जाएगी। यह पहल केवल एक एकेडमिक अवसर ही नहीं, बल्कि हमारे तरफ से समर्पण का प्रतीक भी है।
डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा, ‘हमारे आर्मड फोर्स हमारे राष्ट्र का गौरव हैं। रक्षक सम्मान अनुदान के माध्यम से, हमारा उद्देश्य उनकी निस्वार्थ सेवा को उस चीज़ के माध्यम से सम्मानित करना है जिसे हम सबसे बेहतर जानते हैं और वह है शिक्षा। यह उनके परिवारों को सशक्त बनाने, एक स्थायी प्रभाव पैदा करने और भारत की विकास यात्रा में योगदान देने का हमारा विनम्र प्रयास है। एक सांसद और एक एजुकेशनिस्ट के रूप में, मैं इसे अपना राष्ट्रीय कर्तव्य मानता हूँ।’
एयर वाइस मार्शल हरजीत एस. सिदाना, जिन्होंने इस कोलेबोरेशन के एक महत्वपूर्ण क्षण पर कहा, ‘यह पार्टनरशिप एकेडमिक विशेषज्ञता को सैन्य अनुभव के साथ ला कर एक्सीलेंस को बढ़ावा देने में एक नए अध्याय की शुरुआत है।’ भारतीय में वायुसेना अनुशासन, सटीकता और परिचालन तत्परता होने के साथ-साथ निरंतर सीखने, इनोवेशन और बौद्धिक सहयोग के बढ़ते महत्व को भी समझती है। आज के तेजी से विकसित हो रहे रणनीतिक और तकनीकी परिदृश्य में, ऐसे सहयोग न केवल लाभकारी हैं, बल्कि उतने ही आवश्यक भी हैं। मुझे विश्वास है कि एलपीयू के साथ यह साझेदारी निश्चित रूप से भारतीय वायुसेना के क्षमता के प्रयासों को बढ़ावा देगी। मुझे विश्वास है कि यह एमओयू न केवल दस्तावेज होगा, बल्कि प्रभावशाली कार्रवाई और साझी उपलब्धि का रोडमैप भी होगा।
रक्षक सम्मान अनुदान, इस वर्ष अप्रैल में भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के साथ हस्ताक्षरित पूर्व एमओयू पर आधारित है, जो भारत के रक्षा बलों के लिए एक व्यापक और व्यवस्थित शिक्षा मंच का निर्माण करता है। यह छात्रवृत्ति की शुरूआत, ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू की गई एलपीयू की मौजूदा ‘जय जवान योजना’ का भी हिस्सा है, जो एलपीयू के ऑनलाइन कार्यक्रमों में दाखिला लेने वाले सेना, नौसेना, वायु सेना और अर्धसैनिक बलों (सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी) के सेवारत कर्मियों को 100% ट्यूशन छूट प्रदान करती है। इन पहलों के साथ, डॉ. अशोक कुमार मित्तल के नेतृत्व में एलपीयू एक अग्रणी यूनिवर्सिटी के रूप में उभरा है जो न केवल शब्दों में, बल्कि सार्थक कार्रवाई के माध्यम से भारत के सशस्त्र बलों की आकांक्षाओं का समर्थन करता है।

