पाकिस्तान में पनाह लिए मोस्ट वांटेड आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा की नशे की ओवरडोज के कारण शुक्रवार को मौत हो गई। रिंदा को लाहौर के एक अस्पताल में ले जाया गया था, लेकिन तबियत अधिक खराब होने के चलते उसे सैनिक अस्पताल शिफ्ट करना पड़ा। यहां भी चिकित्सक उसकी जान नहीं बचा सके और उसकी मौत हो गई।
पिछले कई दिनों से रिंदा ने पंजाब सरकार की नाक में दम कर रखा था। रिंदा पंजाब में टारगेट किलिंग और आतंकवाद फैलाने के लिए की गई कई वारदातों में वांछित था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हरविंदर रिंदा एक गैंगस्टर ही था, लेकिन उसने हाल ही में पाकिस्तान में आईएसआई की शरण प्राप्त एक अन्य मोस्ट वांटेड आतंकवादी वधावा सिंह के साथ हाथ मिला लिया था।
रिंदा बब्बर खालसा के प्रमुख वधावा सिंह का दाहिना हाथ बन चुका था और पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई ने भी रिंदा को अपने साथ जोड़ लिया था। रिंदा के जरिए आईएसआई पंजाब में ड्रोन की मदद से हथियारों की सप्लाई करने लगा था। इसके साथ ही रिंदा ने गैंगस्टर रहते पंजाब में जो अपना नेटवर्क स्थापित किया था
रिंदा पंजाब में नामी गैंगस्टर रहा है, उस पर 50 हजार रुपये का नकद इनाम भी था। पंजाब के नामी गैंगस्टर के साथ संबंध थे। पंजाब की खुफिया एजेंसियों को इसके कई इनपुट भी मिले थे। पंजाब पुलिस ने अपने डोजियर में हरविंदर सिंह रिंदा को ए प्लस स्तर का गैंगस्टर बताया। डोजियर के मुताबिक हरविंदर सिंह रिंदा काफी खूंखार किस्म का गैंगस्टर था
रिंदा पर भारत से फरार होने के पहले तक पंजाब और महाराष्ट्र में कुल 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या, किडनैपिंग, हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं।

