पहले से ही नासा के अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम सीखने वाली एलपीयू की इस छात्रा को अब अंतरिक्ष यात्री बनने के अपने सपने को साकार करने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री से भरपूर प्रोत्साहन मिला है
“भारत के विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित अंतरिक्ष यात्रियों- कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के नक्शेकदम पर चलें”, एलपीयू की प्रो चांसलर श्रीमती रश्मि मित्तल ने इच्छुक छात्रा को सुझाव दिया
जालंधर : ( हरिंदर पाल) लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के स्कूल ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (एसईईई) की बीटेक ईसीई (ऑनर्स) तृतीय वर्ष की छात्रा जाह्नवी डांगेती अंतरिक्ष यात्री बनने की कगार पर है | एक प्रशंसित अंतरिक्ष यात्री के रूप में अपनी अंतरिक्ष यात्रा के बारे में अति भावुक, एलपीयू की छात्रा भी नासा के शैक्षिक अंतर्राष्ट्रीय वायु और अंतरिक्ष कार्यक्रम (आई ए एस पी ) में शामिल हुई थी जिसे उसने सफलतापूर्वक पूरा किया । वह इस प्रोग्राम में शामिल होने वाली पहली भारतीय छात्रा हैं।
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले के पलाकोले की रहने वाली जाह्नवी अंतरिक्ष यात्री बनने के अपने सपने को साकार करने के लिए एलपीयू के इंजीनियरिंग कार्यक्रम में शामिल हुईं थी । अपने इस जुनून के लिए , उसे नासा के लॉन्च ऑपरेशंस ‘कैनेडी स्पेस सेंटर में आईएएसपी में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए एलपीयू में रहते हुए एक प्रतिष्ठित मौका मिला।
एक अंतरिक्ष यात्री बनने की एलपीयू की छात्रा की क्षमता को आंकते, और आगे के उसके प्रशिक्षण के लिए उसके द्वारा प्रासंगिक अपील पर विचार करते हुए ; आंध्र प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने उसके अंतरिक्ष यात्री बनने के सपने को साकार करने के लिए 50 लाख रूपये का अनुदान स्वीकृत किया । इस संबंध में सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रीनिवास वेणुगोपालकृष्ण ने जाह्नवी को वेलागापुडी सचिवालय में संबंधित चेक सौंपा।
मेहनती छात्रा को बधाई देते हुए, एलपीयू की प्रो चांसलर श्रीमती रश्मि मित्तल ने उन्हें भारत की विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित महिला अंतरिक्ष यात्रियों- कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स के नक्शेकदम पर चलने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रतिष्ठित आई ए एस पी कार्यक्रम के लिए दुनिया भर से केवल 20 युवाओं का चयन होता है। इसके बाद अब वह अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए अंतरराष्ट्रीय पायलट प्रशिक्षण से गुजरेगी।
जाह्नवी ने बताया कि वह नासा और पोलैंड में पहले ही एनालॉग अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण ले चुकी हैं। उसने पूरे अंतरिक्ष यात्री कार्यक्रम को पूरा कर लिया है जिसमें शून्य गुरुत्वाकर्षण, बहु-पहुंच प्रशिक्षण, पानी के नीचे रॉकेट लॉन्च और यहां तक कि एक विमान का संचालन जैसी गतिविधियां शामिल हैं। वह यह भी साझा करती है कि एलपीयू में अपने शिक्षकों और आकाओं के मार्गदर्शन में ही यूएसए जा सकी है। वहां, एलपीयू में प्राप्त शिक्षा के बलबूते उसे कई देशों के 16 लोगों के एक समूह का नेतृत्व करने के लिए भी बेहतरीन अवसर मिला।
जाह्नवी एलपीयू के 250 में से एक स्टूडेंट संगठन ‘रोबोटिक्स एंड इंटेलिजेंट सिस्टम कम्युनिटी (आरआईएससी) की एक सक्रिय सदस्य भी हैं, जो अपने सदस्यों को उनकी क्षमताओं से परे प्रदर्शन करने और नए लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

