मुक्तसर- शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता व सुखबीर बादल के करीबी हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों आज आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए है। इस मौके सीएम भगवंत मान डिंपी को पार्टी में शामिल कराने के लिए गिद्दड़बाहा पहुंचे। सीएम ने मंच पर आते ही डिंपी को गले लगाया।
सीएम मान ने डिंपी को सिरोफा पहनाकर पार्टी में शामिल करवाया है। इस मौके डिंपी ढिल्लों ने आप में शामिल होने की घोषणा करते हुए कहा कि 38 साल पंथ की सेवा की। लेकिन अब मुझ पर आरोप लग रहे हैं कि मैंने गद्दारी की है। मेरे बारे कहा जा रहा है कि मैं दो महीने से आप के संपर्क में था। उन्होंने कहा कि पांच दिन पहले मुझे सीएम के ओएसडी का फोन आया और सीएम से बात हुई। मगर मैं अकाली दल के लिए प्रचार में लगा हुआ था। अगर मेरे मन में चोर होता तो मैं उनके साथ नहीं जाता। उन्होंने कहा कि विरोध तो तब शुरू हुआ जब मनप्रीत भी इलाके में एक्टिव हो गए। लेकिन वह यह साफ नहीं करते थे कि कौन से पार्टी जॉइन करेंगे
मजबूरी में देना पड़ रहा इस्तीफा’
इसी बीच मनप्रीत बादल की एंट्री हुई और वह उन लोगों से मिल रहे थे जिनसे मैं मिल रहा था। मुझे लोगों ने बताया कि मनप्रीत शिअद समर्थकों से कह रहे थे कि यहां से टिकट मैं ही लड़ूंगा लेकिन यह साफ नहीं कर रहे थे कि किस पार्टी से लड़ेंगे। अंततः मुझे जब सब साफ दिखने लगा कि मुझे दोनों बादल भाई इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसके बाद मुझे मजबूरी में शिअद को छोड़ना पड़ा।
मनप्रीत बादल और सुखबीर बादल घी-खिचड़ी की तरह
डिंपी ढिल्लों ने अकाली दल को छोड़ते हुए साफ किया था कि वह मनप्रीत बादल की वजह से पार्टी छोड़ रहे हैं। उनका आरोप था कि भले ही मनप्रीत बादल भाजपा में है। लेकिन जब भी इलाके में जाते हैं, तो कहते हैं कि सुखबीर बादल और उनके रिश्ते काफी अच्छे हैं। वह दोनों घी और खिचड़ी की तरह हैं। ऐसे में कार्यकर्ता भी भ्रमित है। उन्होंने सुखबीर बादल को भी इस बारे में स्थिति साफ करने को कहा था, लेकिन वह भी कुछ नहीं कह रहे थे। न ही वह खुद वहां से चुनाव लड़ने की बात कर रहे थे, न ही उन्हें उम्मीदवार घोषित किया गया। उनकी दोस्ती पर परिवारवाद भारी हो गय

