सम्मेलन का विषय तीसरा सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल (एसडीजी 3)- अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण था
जालंधर: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ने इंटेलिजेंट सर्किट्स एंड सिस्टम्स (आईसीआईसीएस-2023) पर अपना 5वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया।इस हाइब्रिड सम्मेलन ने अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों प्रतिभागियों को रचनात्मक बातचीत के लिए एक मंच प्रदान किया सम्मेलन में व्यापक क्षेत्र के रूप में एसडीजी 3 के लक्ष्यों और इंडिकेटरज़ की प्राप्ति के लिए इंटेलिजेंट सर्किटस और प्रणालियों को लक्षित करने वाले नवीन योगदान का आह्वान किया गया। इसी प्रकार संबंधित क्षेत्रों में, टारगेट सिग्नल और इमेज प्रोसेसिंग; मशीन लर्निंग ; कम्युनिकेशन ; एंबेडेड सिस्टम और इंटरनेट ऑफ थिंग्स; सेंसर नेटवर्क; वीएलएसआई सिस्टम; कण्ट्रोल और रोबोटिक्स; विद्युत ऊर्जा प्रणालियाँ; ऑप्टिकल मैटेरियल्स और सेंसर शामिल रहे।
सम्मेलन के मुख्य संरक्षक, एलपीयू के संस्थापक चांसलर और सांसद (राज्यसभा) डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने सम्मेलन के विषय और इसकी वर्तमान आवश्यकता की सराहना की। डॉ. मित्तल ने प्रतिभागियों को ऐसे विषय को ईईई के क्षेत्र से जोड़ने के लिए भी बधाई दी इस अवसर पर चांसलर डॉ. मित्तल के साथ एलपीयू की प्रो-चांसलर श्रीमती रश्मी मित्तल और प्रो-वाइस चांसलर डॉ. लोवी राज गुप्ता भी थे सम्मेलन में चार तकनीकी सत्र थे जिनमें दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित शोध विद्वानों ने भाग लिया आठ अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने अपने पेपर प्रस्तुत किये। मुख्य वक्ता नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी (यूके) के प्रोफेसर डॉ. मुफ्ती महमूद ने ब्रेन सिग्नल विश्लेषण और न्यूरो-प्रोस्थेटिक्स में अपने नवीनतम शोध को साझा किया। न्यूरो-प्रोस्थेटिक्स तंत्रिका विज्ञान और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से संबंधित एक बहु-विषयक क्षेत्र है। इसका उद्देश्य तंत्रिका तंत्र के उन हिस्सों को बदलना या संशोधित करना है जो विकारों या चोट के कारण बाधित हो जाते हैं।
निदेशक, एनआईटी कुरूक्षेत्र, प्रो. (डॉ.) बी. वी. रमण रेड्डी ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में क्या सीखा जाता है, इस पर एक संक्षिप्त जानकारी प्रदान की और मूल्य-आधारित शिक्षा की आवश्यकता के बारे में बताया। सीमेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख प्रो. ब्रह्मजीत सिंह ने भी विभिन्न संबद्ध दृष्टिकोणों पर प्रकाश डाला। दुनिया भर से 240 से अधिक लेख प्राप्त हुए, जिन्हें एक अमेरिकी प्रकाशन टेलर और फ्रांसिस, सीआरसी प्रेस से प्रकाशित किया जाना है सम्मेलन ने रिसर्च समुदाय को एसडीजी 3 से संबंधित समस्याओं के नए समाधान खोजने के लिए प्रेरित करने ; नए विचारों, अनुप्रयोगों, अनुभवों का आदान प्रदान करें; भविष्य में सहयोग के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक साझेदार खोजें; और, एसडीजी 3 लक्ष्यों और संकेतकों की समय पर उपलब्धि के लिए आगे के मार्ग और रोड मैप में मूल्य जोड़ने का अवसर प्रदान किया।
एलपीयू में आईसीआईसीएस इसके ईईई ( ट्रिपल इ ) स्कूल द्वारा शुरू की गई सम्मेलनों की एक श्रृंखला है, जहां 5वां सम्मेलन सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) -3 में लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए इंटेलीजेंट सर्किट और सिस्टम पर केंद्रित है इस लक्ष्य को संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाली’ के रूप में पहचाना गया है। वास्तव में ये लक्ष्य वैश्विक विकास के लिए वैश्विक समझौते द्वारा तय किये गये लक्ष्य हैं। एसडीजी 3 के लिए परिभाषित 13 लक्ष्य और 28 मापने योग्य इंडिकेटरज़ हैं।

