* एलपीयू की टीम ‘कन्याराशि’ ने अपने क्लाइमेट-रिस्पॉन्सिव प्रोजेक्ट के लिए ₹75,000 का नकद पुरस्कार जीता
जालंधर; लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में पांच दिवसीय स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025–26 ग्रैंड फिनाले – हार्डवेयर एडिशन का समापन हुआ, जिसकी मेजबानी शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल (एमआईसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा नामित आधिकारिक नोडल केंद्रों में से एक के रूप में की थी। यह राष्ट्रीय फिनाले देश भर के 60 नोडल केंद्रों पर एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें शॉर्टलिस्ट की गई छात्र टीमों ने राष्ट्रीय स्तर पर दी गई प्राबल्म पर काम किया।
2025–26 के एडिशन में पूरे भारत से हजारों टीमों ने भाग लिया, जिसमें चयनित फाइनलिस्ट कई चरणों वाली मूल्यांकन प्रक्रिया से आगे बढ़े। एलपीयू नोडल केंद्र में, फाइनलिस्ट टीमों ने निर्धारित समय-सीमा के तहत चार सौंपी गई प्राबल्म के लिए हार्डवेयर-आधारित समाधानों को डिजाइन, प्रोटोटाइप और मान्य करने पर काम किया, जिसमें शहरी स्थानीय निकायों के लिए अपशिष्ट पृथक्करण निगरानी प्रणाली, पौधे के संक्रमण स्तर द्वारा निर्धारित बुद्धिमान कीटनाशक छिड़काव प्रणाली; स्टूडेंट इनोवेशन: आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी– कृषि, फूडटेक और ग्रामीण विकास, और स्टूडेंट इनोवेशन: आत्मनिर्भर भारत के लिए स्वदेशी– फिटनेस और खेल शामिल हैं।
भाग लेने वाले संस्थानों और समस्या क्षेत्रों की विविधता ने हैकाथॉन के राष्ट्रीय पैमाने और प्रभाव को उजागर किया, जिसमें प्राबल्म का हल स्थिरता, सार्वजनिक प्रणालियों, कृषि और उभरती इंडस्ट्री पर केंद्रित थे। बायोमेक टाइटन्स, आइकॉनिक फोर्सी और हेरा बैक सहित तीन विजेता टीमों को ₹1.50 लाख का नकद पुरस्कार मिला, जबकि दो संयुक्त विजेताओं – स्वच्छ और बिट इग्नाइटर्स को ₹75,000 से सम्मानित किया गया, जो हार्डवेयर फिनाले में वास्तविक दुनिया की बाधाओं के तहत तकनीकी श्रेष्ठता और एग्जीक्यूशन दोनों को मान्यता देता है।
चल रहे राष्ट्रीय फिनाले के बीच, एलपीयू ने एसआईएच 2025–26 सॉफ्टवेयर एडिशन में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जहां उसकी आर्किटेक्चर टीम, कन्याराशि ने चेन्नई नोडल केंद्र में राष्ट्रीय जीत हासिल की। इंजीनियरिंग-प्रधान हैकाथॉन में प्रतिस्पर्धा करते हुए, टीम ने ‘हेलियोस्किन हब’ से जजो को प्रभावित किया, जो एक लाइव, एंड-टू-एंड बीआईएम वर्कफ़्लो के माध्यम से विकसित एक जलवायु-उत्तरदायी कमर्शियल भवन है। उनके डिज़ाइन-इंटीग्रेटेड, डेटा-ड्रिवन अप्रोच ने टीम को ₹75,000 का नकद इनाम दिलाया और एसआईएच में आर्किटेक्चर-आधारित सॉल्यूशन के लिए यह एक दुर्लभ राष्ट्रीय जीत थी।
छात्रों और मेंटर्स को बधाई देते हुए, एलपीयू की प्रो-चांसलर कर्नल डॉ. रश्मि मित्तल ने कहा, एलपीयू इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग, डिजिटल दक्षता और हैंड्स-ऑन इनोवेशन पर ज़ोर देता है, जो छात्रों को राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ प्रदर्शन करने में सक्षम बनाता है। डॉ. मित्तल ने आगे कहा कि एलपीयू का फोकस ऐसे प्रॉब्लम-सॉल्वर विकसित करने पर है जो इनोवेशन के ज़रिए समाज पर सार्थक प्रभाव डाल सकें।
अपने एडुरेव्लूशन के विज़न के अनुरूप, एलपीयू का इनोवेशन पर लगातार फोकस ने यूनिवर्सिटी को भारत के छात्र-नेतृत्व वाले टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में स्थापित किया है। एसआईएच जैसे राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म की मेज़बानी करके और छात्रों को उच्चतम स्तर पर प्रतियोगिता करने और सफल होने में सक्षम बनाकर, एलपीयू ने एकेडमिक शिक्षा को इंडस्ट्री और सामाजिक ज़रूरतों से जोड़ना जारी रखा है।

