कपूरथला (गौरव मढ़िया)दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आश्रम कपूरथला में विशाल सत्संग समागम का आयोजन किया गया ।जिस में अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी परमानंद जी ने कहा आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति सफल होना चाहता है किंतु सफलता कल्पना में जीने से नहीं अपितु संकल्प और दृढ़ता से ,परिश्रम से प्रयास करने वालों को प्राप्त होती है। व्यक्ति द्वारा लिया गया संकल्प हमारी सोच की उपज और हमारे कर्म का आधार होता है।
सतगुरु की शरणागत हुए शिष्य पर निर्भर करता है के वो अपने गुरु की आज्ञा को स्वीकार करता है या नहीं क्योंकि गुरु सदैव कहते हैंभक्ति का संकल्प ही जीवन का असली विकल्प है।इसे छोड़ कर मानव जब अन्य चीजों के पीछे भागता है तो उसे मात्र दुख ही प्राप्त होते है।
स्वामी जी ने आगे कहा एक भक्त के पास अपने गुरु के बिना कोई विकल्प अथवा संकल्प नहीं होता क्योंकि उसके जीवन के एक मात्र शासक होते हैं उसके गुरु जिन्होने उसे सांसारिक सुख दुःख से दूर शाश्वत आनंद के श्रोत ईश्वर से साक्षात मिला दिया ।
इसीलिए वे सदैव संसार में रहकर भी मात्र गुरु गुरु ही रटता है।इस दौरान स्वामी अशोकानंद जी,स्वामी कुलविंदर जी,स्वामी विन्यानंद जी,स्वामी सुनील जी और स्वामी चेतन जी ने भावपूर्ण भजनों से हजारों की संख्या में पहुंचे हुए श्रद्धालों को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम के उपरांत लंगर की व्यवथा भी की गई।

