गांवों के गंदे पानी को साफ कर खेती लायक बनाने के लिए पूरे पंजाब में संत सीचेवाल मॉडल लागू किया जाएगा-कुलदीप सिंह
गांव में इंडोर स्टेडियम के निर्माण का किया ऐलान
जालंधर, 10 अक्तूबर( टॉक हिंदुस्तान ) पंजाब के ग्रामीण विकास और पंचायत, कृषि और किसान कल्याण और एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि गांवों के गंदे पानी को साफ करने और इसे कृषि के लिए उपयोगी बनाने के लिए संत सेचेवाल मॉडल पूरे पंजाब में लागू किया जाएगा। ताकि इस प्राकृतिक स्त्रोत की संभाल की जा सके ।
स्थानीय गांव तलवंडी माधो में विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के साथ सीचेवाल मॉडल-2 का दौरा करते हुए पंजाब के ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री ने गंदे पानी को शुद्ध करने और खेती में इस्तेमाल करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार प्राकृतिक संसाधनों को प्रदूषण से बचाने के लिए बहुत गंभीर है, जिसके लिए सरकार गंभीर प्रयास कर रही है।संत सीचेवाल द्वारा पर्यावरण के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा एनआरआई द्वारा गांवों के विकास में किए गए योगदान की सराहना की।
इसके बाद मंत्री ने प्रवासी भारतीयों के सहयोग से गांव की ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित वार्षिक छिंझ मेले में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और युवाओं को खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत पिछले दिनों राज्य भर में `खेड़ा वतन पंजाब’ का आयोजन किया गया था। उन्होंने कहा कि जहां खेल युवाओं को नशे से दूर रखने में सहायक होते है वही वे अपनी असीम ऊर्जा को रचनात्मक तरीके से उपयोग करने में भी सहायक होते हैं।
मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार का उद्देश्य राजनीति, धर्म, जाति से ऊपर उठकर गांवों का विकास करना है, जिसमें कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इस मौके पर उन्होंने गांव में इंडोर स्टेडियम के निर्माण की घोषणा करने के अलावा निर्वाचन क्षेत्र के विकास में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
इससे पहले पर्यावरणविद् और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल ने संबोधित करते हुए पर्यावरण को बचाने की जरूरत पर जोर दिया और किसानों से पराली न जलाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पैदा हुआ धुंआ पर्यावरण को प्रदूषित करता है और मानव शरीर पर भी हानिकारक प्रभाव डालता है, जिसके लिए इस प्रवृत्ति को छोड़ने की जरूरत है।
राज्य सभा सदस्य ने ग्राम पंचायत और आयोजकों को मेला आयोजित करने के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास युवाओं को नशे के खतरों से दूर रखने में कारगर साबित हो रहे हैं।इस अवसर पर निर्वाचन क्षेत्र प्रभारी रतन सिंह काकड़ कलां सहित अन्य हस्तियां मौजूद रही।

