साइंस पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र को साइंस सिटी आना चाहिए : डीसी
आज हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी के युग में जी रहे हैं जिसमें हर देश की अर्थव्यवस्था विज्ञान और प्रौद्योगिकी की ताकत पर निर्भर करती है। पिछले कुछ दशकों के दौरान देश की अर्थव्यवस्था में वृद्धि का सारा श्रेय विज्ञान और प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों के सफल कार्यान्वयन को जाता है। यह श्री विशेष सारंगल, आईएएस, डिप्टी कमिश्नर, कपूरथला ने साइंस सिटी के 3डी थियेटर में नई फिल्म ” डायनो सफारी” का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये ।
उन्होंने आम लोगों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की आशा से यहां स्थापित विभिन्न सुविधाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों को मनोरंजक और रोचक तरीके से विज्ञान पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु हर बच्चे को विज्ञान की इस दुनिया में आना चाहिए।
इस मौके साइंट सिटी की डायरेक्टर जनरल डा.नीलिमा जेरथ ने जानकारी देते हुए कहा कि मनोरंजक माध्यमों से जटिल एवं कठिन वैज्ञानिक सिद्धांतों की समझ का दीर्घकालिक शिक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है । मनोरंजक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइंस सिटी में एक 3डी थियेटर है। फिलहाल यहां एंटीबायोटिक पर आधारित फिल्म दिखाई जा रही है।
अब साइंस सिटी ने ” डायनो सफारी” 3डी एनिमेशन फिल्म का लाइसेंस हासिल कर लिया है। फिल्म रोमांचक होने के साथ-साथ शैक्षिक भी है क्योंकि फिल्म के दौरान सैलानी पर्यावरण (इकोसिस्टम ) और उत्पति विकास के बारे में जानेंगे और साथ ही डायनासोर रिजर्व का एक अनूठा दौरा करेंगे। जैसे ही आगंतुक जंगल से गुजरते हैं, विशाल डिप्लोडोकस और टी-रेक्स की स्पर्श दूरी के भीतर आ जाते हैं।
साइंस सिटी में पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ के साथ संयुक्त रूप से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस भी मनाया गया। इस वर्ष के विज्ञान दिवस का विषय “दुनिया के कल्याण के लिए विज्ञान” है जो वैश्विक और अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में देश की भूमिका पर जोर देता है और उपस्थिति का प्रतिनिधित्व करता है।
इस मौके पर क्षेत्रीय उद्यमिता विकास केंद्र के सलाहकार डॉ. हिमेश शर्मा विशेषज्ञ वक्ता के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने “उद्यमिता शिक्षा में विज्ञान की भूमिका” पर अपने विचार सांझे किए। छात्रों के साथ विचारों को साँझा करते हुए, उन्होंने कहा कि उद्यमिता शिक्षा सभी सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्रों को कुछ हटकर सोचने और गैर-पारंपरिक क्षमताओं और कौशल को विकसित करने में सहायक है।
एक अच्छा उद्यमी व्यवसाय की शुरुआत में वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग करता है। उन्होंने कहा कि उद्यमिता शिक्षा एक सच्चे उद्यमी बनने के लिए छात्रों के दिमाग, दृष्टिकोण और व्यवहार को आकार दे सकती है जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इस अवसर पर विश्व कल्याण के लिए विज्ञान विषय पर आयोजित स्कूली बच्चों की भाषण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार केवी सीआरपीएफ सराय खास की सूचि ने जीता, द्वितीय सत जोसेफ कान्वेंट स्कूल जालंधर की जनिशा भाटिया ने जीता, वही, तीसरा पुरस्कार डिप्स मकसूदा जालंधर के वंशदीप ने जीता।

