* ऑस्ट्रेलियाई एमबीए छात्रों ने एलपीयू के साथ भारतीय इंडस्ट्री और संस्कृति की जानकारी ली
जालंधर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने अनुभव शिक्षा पर आधारित एमबीए एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए ऑस्ट्रेलिया के कर्टिन यूनिवर्सिटी के 2 स्टाफ के साथ 12 छात्रों का स्वागत किया। प्रोफेशनल्स के लिए इस तरह के ग्लोबल स्तर पर जरूरी एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम को सुविधाजनक बनाने में एलपीयू एक प्रमुख यूनिवर्सिटी के रूप में उभरा है। एलपीयू के अंतरराष्ट्रीय पहल के रूप में, ऐसे कार्यक्रम प्रतिभागियों को भारत के बिजनेस और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने की अनुमति देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान, ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी के प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य सेवा, फूड प्रोडक्शन और मैन्यूफ्रेचरिंग निर्यात जैसे क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने टॉप इंडियन इंडस्ट्रलिस्ट से मुलाकात की। भारतीय मैनेजमेंट नीतियों और भारतीय इतिहास पर हुए लेक्चर का हिस्सा बने और भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे व्यापार में अनुकूल दृष्टिकोणों के बारे में जानकारी हासिल की। सभी ने विभिन्न गतिविधियों और साइट विजिट के माध्यम से भारत के उद्योगों, परंपराओं और अर्थव्यवस्था की जानकारी हासिल की।
कर्टिन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टीव मैककेना ने एलपीयू के साथ अपने मजबूत, और लंबे समय से काम करने के समय की प्रशंसा करते हुए कहा, “पिछले एक दशक में, मैं कई छात्रों को विभिन्न कार्यक्रमों के लिए भारत लाया हूं, लेकिन यह एग्टिक्यूटिव एमबीए, अपने व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ, सबसे अधिक बढ़िया है।” डॉ. अशोक कुमार मित्तल, संसद सदस्य (राज्यसभा) और एलपीयू के संस्थापक चांसलर, ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के साथ जुड़े और परिवर्तनकारी शिक्षा के लिए एलपीयू के योगदान के बारे में बताया। डॉ. अशोक मित्तल ने बताया कि, “एलपीयू का मुख्य मकसद अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना और अधिक मजबूती से जुड़ी दुनिया के लिए देशों को एक साथ लाना है।”
एलपीयू के वाइस प्रेजिडेंट डॉ. अमन मित्तल ने कहा, “हम अपने अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए सबसे अच्छा समय सुनिश्चित करने के लिए हर समय तैयार हैं। उन्होंने कहा कि एलपीयू का विशेष ईएमबीए कार्यक्रम ग्लोबल एजुकेशन के लिए हमारे लिए हुए वचनों को प्रदर्शित करता है। डॉ. अमन मित्तल ने बताया कि यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को भारत के विभिन्न बिजनेस क्षेत्र और विशाल विरासत से अवगत कराता है, जो एक ऐसा ओवरलऑल अनुभव प्रदान करता है जो अकादमिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से ग्लोबल दृष्टिकोण को सीखाता है।
इसके अतिरिक्त, ऑस्ट्रेलियाई छात्रों ने अमृतसर की अपनी यात्रा के दौरान पंजाब की जीवंत संस्कृति और विरासत के बारे में जानकारी की। उन्होंने गोल्डन टैंपल, वाघा बॉर्डर और स्थानीय बाजारों का दौरा किया। उन्होंने पंजाब के गांव कल्चर का अनुभव किया और डांस, योग कक्षाओं में भाग लिया, जिससे उन्हे लोकल इंडियन कल्चर का अनुभव लेने का मौका मिला।

