करतारपुर 28 सितंबर (जसवंत वर्मा )आज हरे कृष्ण प्रचार समिति करतारपुर की तरफ से शीतला मंदिर गंगसर बाजार करतारपुर के हाल में यूथ फेस्टिवल बड़ी धूम धाम से मनाया गया।
इस फेस्टिवल में करतारपुर के बहुत सारे यूथ (लड़के और लड़कियां) ने भाग लिया।
इस फेस्टिवल में डॉ. केशव आनंद प्रभुजी ने युवाओं के साथ “लव एंड कमिटमेंट” विषय पर चर्चा की। प्रभुजी ने बताया कि आजकल लव एंड कमिटमेंट की गलत धारणाएं लोगों के मन में बैठी हुई हैं। कमिटमेंट कोई चाहता नहीं, कोई बंधना नहीं चाहता इसीलिए समाज में लिव इन रिलेशनशिप जैसे नए नए आइडिया चल रहे हैं, जो कि विदेशों में आम बात है परंतु अब भारत में भी शुरू हो गई है।
इसीलिए हमें लव को पुनः परिभाषित करना पड़ेगा। युवाओं के मुताबिक लव एक फीलिंग है, किसी का साथ हमे अच्छा लगता है। परन्तु लव फीलिंग नहीं एक्शन है, लव को एक्शन के साथ दर्शाया जाता है जैसे एक मां बच्चे के साथ प्रेम को उसकी सेवा करके दर्शाती है। उसके लिए कुछ त्याग करती है।
प्रेम में त्याग होता है, अपनी इच्छा छोड़नी पड़ती है जबकि लस्ट इसका उल्टा होता है, जिसमें हम अपनी इच्छाएं पूरी करनी चाहते है। विस्तार से लव एंड कमिटमेंट के बारे में बात करते हुए प्रभु जी ने युवाओं को पहले अपने से प्रेम करने को कहा, खुद को थोड़ा टाइम देना होगा और रुककर सोचना होगा कि मैं कौन हूं और क्या चाहता हूं? हमें रियल बनना होगा, ये नहीं कि हम सोच कुछ रहे, बोल कुछ और क्रियाएं कुछ और। पहले हमारे अपने विचार, बोल और क्रियाएं एक दिशा में होनी चाहिए। प्रभु जी ने प्रकृति, भगवद्गीता और सूझवान लोगों से जुड़ने को कहा।
इस अवसर पर भरत प्रभु जी, बलदेव परमानन्द प्रभु जी, गोकुल प्रभु, हरे कृष्ण प्रभु, रोहिणी प्रिय प्रभु जी, अमल पुराण प्रभु, परम करुणा प्रभु, पुनीत, पारुष, वरुण, हैरी, गीतांश, अमन, कृष, वंश, अक्षय, योगेश, रिदम, आरव, प्रणव, करण, अंकित, नितेश,शोभित, हर्ष, रितेश, पवन माता जी, रंगा माता जी, कमलावती माता जी, मान्या, कृति, बारूनी, सुनीता, संगम, आस्था, प्रभ, महक, काजल, भावना, तानिया, आशना और करतारपुर के युवक और युवतियां उपस्थित थे।

