पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का निधन हो गया है। उन्होंने मंगलवार देरशाम अंतिम सांस ली। बादल को पंजाब की राजनीति का बाबा बोहड़ कहा जाता था। 95 वर्षीय बादल को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद एक सप्ताह पहले मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। पांच बार पंजाब के मुख्यमंत्री रहे बादल को पिछले साल जून में जठरशोथ और ब्रोन्कियल अस्थमा से संबंधित शिकायतों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
प्रकाश सिंह बादल ने साल 1947 में राजनीति शुरू की थी। उन्होंने सरपंच का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। तब वह सबसे कम उम्र के सरपंच बने थे। 1957 में उन्होंने सबसे पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। 1969 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की। 1969-70 तक वह पंचायत राज, पशु पालन, डेयरी आदि मंत्रालयों के मंत्री रहे।
इसके अलावा वह 1970-71, 1977-80, 1997-2002 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने। इसके अलावा 1972, 1980 और 2002 में विरोधी दल के नेता भी बने। मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्री रहते वह सांसद भी चुने गए। वहीं 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद वह सबसे अधिक उम्र के उम्मीदवार भी बने।

