भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी को 15 नवंबर तक सभी मुद्दों को हल करने के लिए कहा
जालंधर, 12 अक्तूबर : डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी (सीएएलएज़) को ग्रीनफील्ड छह-लेन जालंधर बाईपास और अमृतसर-जामनगर इकनॉमिक कॉरिडोर परियोजनाओं के हिस्से के रूप में अमृतसर-बठिंडा सैक्शन तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद एसडीएम व डीआरओ बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की इन परियोजनाओं से ट्रैफिक जाम दूर करने, पर्यटन एवं सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारतमाला परियोजना के तहत ग्रीनफील्ड छह लेन वाला जालंधर बाईपास काहलवां गांव से शुरू होगा और पंजाब में उत्तर-दक्षिण गलियारे के हिस्से के रूप में सरमस्तपुर और मदारा से होते हुए कांग साबू पर समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि कुल 42.20 किमी ज़मीन एकवायर की जाएगी और 7 किमी भूमि का अधिग्रहण बाकी है।उन्होंने कहा कि अधिग्रहित भूमि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंप दी गई है और भूमि मालिकों को 393 करोड़ रुपये की राशि भी वितरित की गई है।
अमृतसर-जामनगर इकनॉमिक कॉरिडोर परियोजना के अमृतसर-बठिंडा के लिए, श्री सारंगल ने कहा कि 15.20 किलोमीटर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है और केवल 2 किलोमीटर भूमि का अधिग्रहण बाकी है। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित भूमि एन.एच.ए.आई. सौंप दी गई है और 95 करोड़ की राशि भूमि और अन्य संपत्तियों के मालिकों के खातों में भी ट्रांसफ़र कर दी गई है।
डिप्टी कमिश्नर ने भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी को 15 नवंबर से पहले इन सभी मुद्दों को हल करने के लिए कहा ताकि इन परियोजनाओं को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि सी.ए.एल.ए. किसी भी कीमत पर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर मेजर डा.अमित महाजन, एसडीएम विकास हीरा, अमनपाल सिंह, बलबीर राज सिंह, कंवलजीत सिंह आदि भी मौजूद रहे।

