अयोध्या में श्रीराम लला प्राण-प्रतिष्ठा दिवस 22 जनवरी को मीट और शराब की दुकानों को बंद रखने की अपील की – बलविंदर सिंह
कपूरथला (गौरव मढ़िया ) श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र समिति कपूरथला के जिला पालक बलविंदर सिंह की अध्यक्षता में समिति के सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल ने डिप्टी कमिश्नर कपूरथला से मुलाकात कर उन्हें 22 जनवरी प्राण-प्रतिष्ठा दिवस पर प्रशाशनिक सेवाएं प्रदान करने के लिए ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर बलविंदर सिंह ने कहा कि 22 जनवरी का दिन सभी देशवासियों के लिए बहुत पावन होने जा रहा है, इसलिए प्रत्येक नागरिक की ये नैतिक जिम्मेदारी है वह इस दिन की पवित्रता का विशेष ध्यान रखे। उन्होंने कहा कि हमने डिप्टी कमिश्नर कपूरथला से यह मांग की है वह उस मीट और शराब की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी करें ताकि इस पावन दिवस की पवित्रता को बरकरार रखा जा सके।
इसी के साथ समिति के सभी सदस्यों द्वारा डिप्टी कमिश्नर कपूरथला से 22 जनवरी को पानी व बिजली की सप्लाई निर्विघ्न जारी रखने तथा इस दिवस पर कपूरथला जिले के सभी मंदिरों में इस पावन दिवस को मनाने के लिए पूजा अर्चना के विभिन्न कार्यक्रमों की आयोजन किया जा रहा है, इस दिन के प्रति कपूरथला वासियों की आस्था और श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों, कालिजों और दफ्तरों में अवकाश की घोषणा करने की मांग की है ताकि सभी लोग प्रेम भाव से मंदिरों में आयोजित कार्यक्रमों में भाग ले सकें। इस अवसर पर समिति के जिला सह संयोजक राकेश चोपड़ा ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का शुरुआती प्रयास बहुत समय से चल रहा था और इस परियास का आधार 1989 में हुआ था जब भूमि पूजन के लिए राजा रामलला का मूर्ति स्थापित किया गया था।
2020 में, सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पूजन के स्थान को श्रीराम जन्मभूमि के रूप में मान्यता दी और मुस्लिम पुराने जागह पर एक अलग स्थान पर 5 एकड़ भूमि का आधिकार दिया।निर्माण में समर्थन के बाद, 2020 के दिसम्बर में शिलान्यास करने के बाद, श्रीराम मंदिर के निर्माण का कार्य तेजी से शुरू हुआ। सार्वजनिक दान के माध्यम से आधुनिक और महान मंदिर की बनावट के लिए धन जुटाया जा रहा है।मंदिर की निर्माण की योजना एक अनुक्रम में है जिसमें उच्चतम शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शिक्षा के लिए सुविधाएं भी शामिल हैं। इसमें एक सुंदर मंदिर के अलावा एक स्मृति भवन और सांस्कृतिक केंद्र भी होगा।इस मंदिर निर्माण के प्रक्रिया में, सामाजिक सहयोग और समर्थन का एक बड़ा हिस्सा है, जिससे यह स्थल एक सांस्कृतिक और धार्मिक केंद्र बन सके।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र समिति के जिला संयोजक विजय खोसला ने कहा कि प्राण-प्रतिष्ठा दिवस के शुभ अवसर पर, मैं सभी देशवासियों से एक विशेष अपील करना चाहता हूँ। यह दिन हमें अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर की याद दिलाता है। हमारी विरासत का सम्मान करते हुए, हमें इसे अपने भविष्य की पीढ़ियों के लिए संजोने की जरूरत है।इस दिवस पर, हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना चाहिए और इसे संरक्षित करने के लिए कदम उठाने चाहिए। इस अवसर पर, सभी धर्मों और समुदायों के बीच सामाजिक सद्भावना और एकता की भावना को बढ़ावा दें। आध्यात्मिक कार्यक्रमों के दौरान पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण पर ध्यान दें। प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान करते हुए, प्रदूषण को कम करने के उपाय करें।युवा पीढ़ी को हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मान्यताओं के बारे में शिक्षित करें।
उन्हें हमारे इतिहास और परंपराओं की जानकारी दें ताकि वे इसे आगे बढ़ा सकें। इस दिवस को मनाते हुए, जरूरतमंदों की सेवा और सहायता करें। दान और सेवा के माध्यम से समाज में योगदान दें।आत्म-चिंतन और ध्यान के माध्यम से अपने आंतरिक शांति और सद्भाव की खोज करें। सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लें और अपने समुदाय के विकास में योगदान दें। आइए हम सभी मिलकर इस प्राण-प्रतिष्ठा दिवस को एक सार्थक और यादगार बनाएं, जिससे हमारी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को बल मिले और हमारा समाज और भी अधिक समृद्ध और सशक्त बने। आइए हम इस दिवस को नई ऊर्जा, नई आशा और नए संकल्प के साथ मनाएं, और अपने देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करें। इस अवसर पर बलविंदर सिंह, विजय खोसला, राकेश चोपड़ा, चेतन सूरी, अनुरुद्ध कुमरा, विकास बजाज व अन्य समिति सदस्य उपस्थित थे।

