बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव में बसपा किसी से गठबंधन नही करेगी। चुनाव के बाद उचित भागीदारी मिलने पर समर्थन दिया जा सकता है। लेकिन यह समर्थन मुफ्त मे नहीं दिया जाएगा।
अपने जन्मदिन पर मीडिया को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि विपक्ष के इंडिया गठबंधन को लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बसपा के लोगों को गुमराह करने के लिए गिरगिट की तरह रंग बदला है। उससे बसपा के लोगों को सतर्क रहना होगा।
आकाश आनंद को उत्तराधिकारी बनाने के बाद मेरे जल्द संन्यास लेने की फर्जी खबरें चलाई जा रही हैं। मैं अंतिम सांस तक बसपा को मजबूत करने का काम करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि ईवीएम में धांधली की खबरें मिल रही हैं। विदेशों की तरह यहां भी यह व्यवस्था खत्म हो सकती है। इसमें बदलाव भी हो सकता है तब बसपा का वोट प्रतिशत भी बढ़ जाएगा
मायावती ने कहा कि विरोधी पार्टियों की सरकारों के चलते दलितो का पूरा विकास नहीं हो सकता है। देश में एससी-एसटी और अन्य वर्गों को सरकारी नौकरियों में दिए जाने वाले आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। अन्य मामलों में भी दयनीय स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विपक्ष के इंडिया गठबंधन को लेकर जिस प्रकार से सपा मुखिया ने बीएसपी के लोगों को गुमराह करने के उद्देश्य से गिरगिट की तरह रंग बदला है,
उससे बहुजन लोगों को सावधान रहना है। मायावती ने कहा कि वह आगामी लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने पर साथ वाली पार्टी को ही फायदा होता है, इसलिए बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी।

