पंजाब में भारी बारिश और बाढ़ के कहर के बीच एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही का मामला सामने आया है। पंजाब सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के बावजूद दीनानगर के सीमावर्ती गांव दबूड़ी में नवोदय विद्यालय खोला गया, जिसके चलते स्कूल में करीब 400 छात्र और कई अध्यापक बाढ़ के पानी में फंस गए हैं।
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने राज्य में लगातार हो रही भारी बारिश के मद्देनजर सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 27 अगस्त से लेकर 30 अगस्त तक छुट्टियों का ऐलान किया था। लेकिन इन आदेशों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए दीनानगर के नवोदय विद्यालय प्रशासन ने आज स्कूल खोल दिया। नतीजा यह हुआ कि स्कूल में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया और छात्र व अध्यापक स्कूल परिसर के अंदर ही फंसकर रह गए।
जब इस गंभीर लापरवाही के बारे में स्कूल के प्रिंसिपल से सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने माना कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा आज से छुट्टियों का ऐलान किया गया था, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि स्कूल में पानी बीती रात से ही घुसना शुरू हो गया था। यह बयान प्रिंसिपल की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है कि खतरे का अंदेशा होने के बावजूद स्कूल क्यों खोला गया।
फिलहाल, प्रिंसिपल का कहना है कि सभी छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्कूल भवन की दूसरी मंजिल पर पहुंचा दिया गया है। स्कूल प्रशासन अब जिला प्रशासन से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए मदद की गुहार लगा रहा है। इस घटना ने स्कूल प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी एक बड़ी गलती के कारण आज 400 बच्चों और शिक्षकों की जान खतरे में पड़ गई है।

