उत्तर प्रदेश में बुधवार देर शाम आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। कई जिलों में बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए, कच्चे मकान ढह गए और दीवारें गिरने की घटनाएं सामने आईं। मलबे में दबने और पेड़ों की चपेट में आने से अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है। कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।
सबसे ज्यादा असर भदोही जिले में देखने को मिला, जहां आंधी-तूफान से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 16 मवेशियों की भी जान गई है। बुधवार शाम करीब 5:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली और तेज हवाओं के साथ तूफान शुरू हो गया। जिले के कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए।
भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र के खरगसेनपट्टी गांव में एक मकान पर पेड़ गिरने से महिला और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई। वहीं, औराई थाना क्षेत्र में भी पेड़ गिरने से कई लोगों की जान चली गई।
जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने 15 लोगों की मौत और आठ लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। घायलों को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को बेहतर इलाज के लिए बीएचयू, वाराणसी रेफर किया गया है।
अन्य जिलों की बात करें तो प्रयागराज में 16, मिर्जापुर में 10, फतेहपुर में 9, हरदोई में 2 तथा कानपुर देहात और कौशांबी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। मिर्जापुर में जिला प्रशासन ने 10 मौतों की पुष्टि की है। इनमें से सात मौतें मिर्जापुर सदर तहसील और तीन चुनार तहसील क्षेत्र में हुई हैं। जिले में कई स्थानों पर पेड़, बिजली के खंभे और दीवारें गिरने की घटनाएं हुई हैं।

