फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर खरीद को लेकर केंद्र सरकार के ऑफर को ठुकराने के बाद किसानों ने आज एक बार फिर ‘दिल्ली चलो’ मार्च शुरू कर दिया है। इस बार बॉर्डर पर पुलिस की किलेबंदी तोड़ने के लिए किसान बुलडोजर और जेसीबी जैसी भारी मशीनें लेकर तैयार हैं।
पंजाब के 14 हजार किसानों का शंभू बॉर्डर से दिल्ली कूच शुरू हो गया है। ये 1200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ राजधानी की तरफ निकल रहे हैं। उधर, खनौरी बॉर्डर से भी किसान हरियाणा में घुसने की कोशिश में हैं। यहां भी 800 ट्रैक्टर इनके साथ हैं। इस बीच हरियाणा पुलिस ने शंभू बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए आंसू गैस के गोले दागने शुरू कर दिए हैं। इससे बचने के लिए किसानों ने स्पेशल मास्क और इयर बड्स पहने।
केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों से बातचीत के लिए फिर से न्योता भेजा है। अब तक की सभी बैठकें बेनतीजा रहीं। कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि सरकार किसानों से पांचवें दौर की बातचीत के लिए तैयार है। किसान नेता सुरजीत फूल ने कहा कि सरकार का बातचीत का न्यौता आया है।
क्या सरकार सिर्फ बातचीत के लिए बातचीत करना चाहती है। समय बर्बाद करने के लिए बातचीत करना चाहती है। हमने उनसे कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह अपने ट्विटर पर बयान जारी करें कि हम सभी फसलों पर एमएसपी कानून बनाने सहित सभी मांगों को मानने के लिए तैयार हैं।
एआईजी मनीषा चौधरी ने बताया कि हरियाणा पुलिस ने पंजाब से लगी सभी सीमाओं पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया है। किसान शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं और उन्हें कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। हमें जानकारी मिली कि किसान विरोध स्थल पर भारी मशीनरी लेकर आए हैं और हमने पंजाब पुलिस से ऐसी मशीनरी को अनुमति नहीं देने का अनुरोध किया है। हम किसानों से फिर से अपील करते हैं कि वे विरोध स्थल पर भारी मशीनरी न लाएं। वे अपनी मांगों के संबंध में हमें ज्ञापन सौंप सकते हैं… हम पंजाब पुलिस के साथ नियमित संपर्क में हैं और उनके साथ जानकारी साझा कर रहे हैं।

