उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के देवा-फतेहपुर मार्ग पर सोमवार देर रात बिशुनपुर कस्बे के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक ही परिवार के तीन लोग शामिल है। जानकारी के अनुसार हादसा तब हुआ जब तेज रफ्तार ट्रक और बिना नंबर की अर्टिगा कार आमने-सामने भिड़ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अर्टिगा कार के परखच्चे उड़ गए और आसपास के इलाके में चीख-पुकार मच गई।
मृतकों की पहचान ड्राइवर श्रीकांत शुक्ला, प्रदीप सोनी, उनकी पत्नी माधुरी सोनी और बेटे नितिन के रूप में हुई है। दो अन्य मृतकों की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। घायलों में प्रदीप सोनी का बेटा नैमिष और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सभी लोग कानपुर के बिठूर में गंगा स्नान करने के बाद अपने घर लौट रहे थे।
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को कार से बाहर निकाला और एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। हालत गंभीर होने पर सभी घायलों को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि प्राथमिक जांच में हादसे की वजह वाहन की तेज रफ्तार प्रतीत हो रही है। ट्रक और कार की टक्कर के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया था। क्रेन की मदद से वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया गया। शुरुआती जांच में पता चला कि मृतक फतेहपुर कस्बा के रहने वाले हैं और ये लोग गाड़ी बुक करके आए थे। दूसरी तरफ से तेज रफ्तार से गाड़ी आई थी, जिससे आमने-सामने की टक्कर हुई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि घायलों को पहले सीएचसी से जिला अस्पताल लाया गया था, लेकिन उनकी हालत नाजुक होने के कारण सभी को लखनऊ ट्रामा सेंटर भेज दिया गया है।
हादसे में प्रदीप रस्तोगी, पत्नी माधुरी रस्तोगी (52), पुत्र नितिन रस्तोगी (30), कृष्ण रस्तोगी (15), खड़ेहरा निवासी चालक श्रीकांत (40) व मोहम्मदपुर खाला निवासी बालाजी (45) की मौके पर ही मौत हो गई। कार में सवार मोहम्मदपुर खाला निवासी इंद्र कुमार (60) व विष्णु गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। दोनों घायलों ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

