‘सृजनात्मकता और नवीनता देश के स्थाई विकास की कुंजी
कपूरथला, 19 नवम्बर (गौरव मढिया )-विज्ञान व टैक्नोलजी के क्षेत्र में खोज और रचनात्मक कार्यो की ओर स्कूली बच्चों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों के तहत शनिवार को पुष्पा गुजराल साइंस टिी की इनोवेशन हब्ब और ग्रास रुट इनोवेशन एग्मेंटेशन नैटवर्क (गियान) द्वारा संयुक्त तौर पर साइंस फैस्ट-2022 का आयोजन किया गया।
इस विज्ञान मेले में पंजाब के विभिन्न जिलों से 300 से अधिक स्कूली विद्याॢथयों द्वारा आधुनिक खोजों पर आधारित माडल प्रदॢशत किए गए। इस दौरान अपने संबोधन में साइंस सिटी की डायरैक्टर जनरल डा. नीलिमा जैरथ ने कहा कि सृजनात्मकता ज्ञान का कार्य है, उत्सुकता, कल्पना और मुल्यांकण हमें नई खोज की ओर लेकर जाते हैं।
हमारे ज्ञान का आधार, उत्सुकता का स्तर जितना अधिक होगा, उतने ही अधिक हमारे मन में नए विचार पैदा होंगे। केवल ज्ञान से ही रचनात्मकता से नई सोच पैदा नहीं हो सकती, बल्कि उच्च सोच और रचनात्मकता हमारी सोच को नया आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि समाज की भलाई के लिए बढिय़ा परिणामों की प्राप्ति के लिए नौजवानों की सोच को उत्साहित करना चाहिए।
इस दौरान विद्याॢथयों को परामर्श देते हुए क्लास में प्रश्न-पूछने की चिंगारी को कभी भी किसी भी डर से बुझने नहीं देना चाहिए, बल्कि अपने नए प्रश्न पैदा करने की शक्ति को बढऩा चाहिए। विज्ञान मेले के दौरान विद्याॢथयों द्वारा विभिन्न विषयों पर आधारित प्रोजैक्टरों की प्रदर्शनी भी की गई।
इनमें सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल भलवान, संगरुर के साहिल खान व तरसवीर ङ्क्षसह (प्रोजैक्ट करंट के चुंबकी प्रभाव) ने पहला स्थान, एस.पी.पी.एस. स्कूल बेगोवाल की नवजोत कौर और सनमदीप (प्रोजैक्ट बायो गैस प्लांट और टैसला कोल) ने दूसरा व तीसरा स्थान प्राप्त किया। इनमें जजमैंटी की भूमिका थापर कालेज पटियाला और एन.आई.टी. जालंधर के माहिरों द्वारा निभाई गई।

