“पंजाब की प्राचीन शान की बहाली के लिए कर रहे हैं अथक मेहनत: मुख्यमंत्री” पिछली सरकारों की गड़बड़ी को पिछले तीन वर्षों में ठीक किया
लुधियाना में वर्ल्ड स्किल कैंपस ऑफ एक्सीलेंस जनता को समर्पित, युवाओं की तकदीर बदलने वाला बताया
भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार रोज़ाना टोल दरें बढ़ा रही है, जबकि हमने प्रदेश में 17 टोल प्लाजा बंद किए
लुधियाना, 3 अप्रैल: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि तीन साल तक पिछली सरकारों की गड़बड़ी को ठीक करने के बाद अब राज्य सरकार पंजाब की प्राचीन शान की बहाली के रास्ते पर है। यहाँ दो प्रमुख संस्थानों – अत्याधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर (एमएसडीसी) पर आधारित “वर्ल्ड स्किल कैंपस ऑफ एक्सीलेंस” को जनता को समर्पित करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अफसोस जताया कि पिछली सरकारों की पीछे धकेलने वाली नीतियों और दुर्भावनाओं के कारण राज्य विकास में पिछड़ गया था। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब उद्योग संकट में था, नशा माफिया और गैंगस्टर पूर्ववर्ती शासकों के संरक्षण में फल-फूल रहे थे और पंजाब का विकास पटरी से उतर चुका था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के पहले दिन से ही उनकी सरकार राज्य के समग्र विकास और जनता की खुशहाली पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जनता से किए लगभग सभी वादे पूरे कर दिए हैं, और जो वादे नहीं किए गए थे, वे भी पूरे कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार रोज़ाना टोल दरें बढ़ा रही है, जबकि दूसरी ओर राज्य सरकार ने पंजाब में 17 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसी तरह हर क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए योजनाएँ तैयार की गई हैं और उन्हें लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से पंजाब के 153 ब्लॉकों में से 117 में भूमिगत जल समाप्त हो चुका है और ये क्षेत्र ‘डार्क ज़ोन’ में आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने कभी भी भूजल संरक्षण के लिए कोई प्रयास नहीं किया और पाँच नदियों की इस धरती पर नहरों के अंतिम छोर पर बसे किसानों को कभी भी नहरी पानी उपलब्ध नहीं हुआ। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार के सत्ता संभालने के बाद राज्य में 15,947 नहरों की सफाई की गई, जिससे दूरदराज़ के गाँवों तक भी नहरों का पानी पहुँचा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जुलाई 2022 से घरों को मुफ्त बिजली प्रदान करनी शुरू की है, जिसके बाद 90 प्रतिशत घरों के बिजली बिल शून्य आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य सरकार ने पंजाब को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसी निजी कंपनी से पावर प्लांट खरीदा है। उन्होंने कहा कि इस थर्मल प्लांट का नाम तीसरे गुरु श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में पूर्ण रूप से सांप्रदायिक सौहार्द्र, शांति और सद्भाव है, जो मुख्य रूप से राज्य के समग्र विकास और खुशहाली के लिए ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के सख्त प्रयासों के कारण पिछले तीन वर्षों में अब तक राज्य में लगभग 97,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि टाटा स्टील, सनातन टेक्सटाइल और अन्य प्रमुख कंपनियाँ राज्य में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह युवाओं को रोजगार देकर उनके हाथों में रोज़गार का साधन देखना चाहते हैं ताकि वे नशे की लत से दूर रह सकें। उन्होंने कहा कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है, इसलिए राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है कि अधिक से अधिक युवाओं को नौकरियाँ मिलें ताकि वे सामाजिक बुराइयों का शिकार न हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने नशा माफिया को खुली छूट दी थी, लेकिन उनकी सरकार ने नशे के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य से नशे की समस्या को खत्म करने के लिए एक सुव्यवस्थित योजना बनाई गई है और अब नशे के खिलाफ लड़ाई अपने चरम पर पहुँच चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशे की आपूर्ति शृंखला को तोड़ने के अलावा इस अपराध में शामिल बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे डाला है और उनकी संपत्तियों को जब्त करके नष्ट किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस युद्ध में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 97791-00200 जारी किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करों के बारे में इस व्हाट्सएप नंबर पर जानकारी साझा करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का गुण विरासत में मिला है और उनकी क्षमताओं का सही उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी और युवा हवाई जहाज की तरह होते हैं, और राज्य सरकार उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए रनवे प्रदान करेगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक पंजाब के युवा अपने लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते और हर क्षेत्र में सफलता के झंडे नहीं गाड़ देते, तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे जीवन में बड़ी सफलता प्राप्त करने के बावजूद विनम्र बने रहें और कड़ी मेहनत में विश्वास रखें, क्योंकि यही सफलता की एकमात्र कुंजी है। उन्होंने युवाओं को पंजाब में कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि इस धरती पर तरक्की और खुशहाली की असीम संभावनाएँ हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एक्सीलेंस सेंटर का विशाल कैंपस 20 एकड़ में फैला है, जिसमें 3,000 से अधिक छात्रों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के योग्य बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने आईटीआई लुधियाना को गोद लिया है और इसे अपग्रेड करने के लिए अपने सांसद निधि से दो करोड़ रुपये और व्यक्तिगत रूप से 70 लाख रुपये दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कैंपस ऑफ एक्सीलेंस में डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक प्रशिक्षण लैब, रोबोटिक वेल्डर, 3डी प्रिंटर, सीएनसी मशीनें और अन्य अत्याधुनिक तकनीक उपलब्ध होगी। उन्होंने अफसोस जताया कि पिछली सरकारों की उदासीनता के कारण मल्टी स्किल डेवलपमेंट सेंटर वर्षों से खाली और अनुपयोगी पड़ा था। लेकिन अब यह केंद्र युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एविएशन, हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म, कृषि कौशल विकास, फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी एंड वेलनेस, नर्सिंग, सीएनसी प्रोग्रामिंग, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डिंग और अन्य कौशल विकास पाठ्यक्रमों की मुफ्त शिक्षा प्रदान करेगा।
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