कपूरथला( गौरव मढ़िया)दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, कपूरथला शाखा द्वारा आयोजित साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम जिसके अंतर्गत श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी निधि भारती जी ने कहा कि पोह का महीना चल रहा है,
जिसकी हवाओं में ही ऐतिहासिक यादें पिरोई हैं। इस सर्दी की ऋतु में जहां हमें घरों के गर्म कमरों में भी गर्मी का अहसास नहीं होता, वहां इन्ही दिनों में शाह ए शहंशाह, बादशाह दरवेश, सरबंसदानी श्री गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों ने चमकौर की मीनार और ठंडे बुर्ज में जो लासानी शहादत दी ,ऐसी उदाहरण दुनिया के पूरे इतिहास में कहीं नहीं देखने को मिलती है।

उनकी यह शहादत सबकी भलाई के लिए थी। इसीलिए हमारे भारतीय इतिहास में साहिबजादों की शहादत का स्थान ध्रुव तारे के समान है। आज के समाज को शहीदों के बहाए खून को सम्मान और याद करने की जरूरत है। वे ही हैं जो इस देश को ऊंचाइयों पर ले गए हैं। गुरुओं के वचनों पर चलकर और महापुरुषों के दिखाए मार्ग पर चलकर ही व्यक्ति में ऐसा साहस और निर्भयता आ सकती है। यही सच्चे अर्थों में उन बलिदानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि हो सकती है।
मानव स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा के लिए इस महान त्याग और बलिदान की स्मृति मानवता के दिलों में हमेशा ताजा रहेगी और शहीदों के प्रति सिर श्रद्धा से हमेशा नतमस्तक रहेगा।अंत में संस्थान के मंच के द्वारा दिव्य ज्योति संस्थान ने इन महान शहीदों की शहादत पर नमन अर्पित किया और उपस्थित श्रद्धालुओं को उन्ही के द्वारा दर्शाए मार्ग पर बढ़ने का संदेश दिया।

