शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के साले गजपत ग्रेवाल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने ग्रेवाल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए अब लुकआउट नोटिस (LOC) जारी कर दिया है। इस कार्रवाई का सीधा मतलब है कि ग्रेवाल अब देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेंगे और सभी हवाई अड्डों पर उन पर नजर रखी जाएगी। यह कदम विजिलेंस ने ग्रेवाल द्वारा जांच में सहयोग न करने की आशंकाओं के चलते उठाया है।
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, जांच एजेंसी पिछले काफी समय से गजपत ग्रेवाल को पूछताछ में शामिल होने के लिए लगातार समन भेज रही थी, लेकिन उन्होंने अब तक किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। बार-बार बुलाने के बावजूद वे न तो जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए और न ही उन्होंने कोई दस्तावेज या स्पष्टीकरण दिया। जांच में लगातार हो रही देरी और उनके टालमटोल वाले रवैये को देखते हुए विजिलेंस को आशंका थी कि वह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए विदेश भाग सकते हैं। इसी संभावना को खत्म करने के लिए विजिलेंस ने यह सख्त कदम उठाया है।
गजपत ग्रेवाल का नाम हाई-प्रोफाइल होने के कारण पंजाब के सियासी गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। चूंकि उनका सीधा संबंध पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से है, इसलिए इस मामले पर राजनीतिक पंडितों की भी नजरें टिकी हुई हैं। सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस की कार्रवाई यहीं रुकने वाली नहीं है और आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है। विजिलेंस अब ग्रेवाल को जांच में शामिल करने के लिए अन्य कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रही है, जिससे यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।

