By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Punjab News Today in Hindi, videos, and the latest top stories in world news, business, politics, health and more.Punjab News Today in Hindi, videos, and the latest top stories in world news, business, politics, health and more.
  • Home
  • India
  • Delhi
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Politics
  • Entertainment
  • Sports
  • World
  • More
Search
© 2021 Talk Hindustan. Designed by iTree Network Solutions +91-8699235413.
Reading: शंभू बॉर्डर के हर मोर्चे पर डटीं हजारों महिलाएं, हर तरह से दे रहीं सहयोग, मोर्चा फतेह की भर रही ललकार
Share
Sign In
Notification Show More
Aa
Punjab News Today in Hindi, videos, and the latest top stories in world news, business, politics, health and more.Punjab News Today in Hindi, videos, and the latest top stories in world news, business, politics, health and more.
Aa
Search
  • Home
  • India
  • Delhi
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Politics
  • Entertainment
  • Sports
  • World
  • More
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2021 Talk Hindustan. Designed by iTree Network Solutions +91-8699235413.
Punjab News Today in Hindi, videos, and the latest top stories in world news, business, politics, health and more. > Punjab > शंभू बॉर्डर के हर मोर्चे पर डटीं हजारों महिलाएं, हर तरह से दे रहीं सहयोग, मोर्चा फतेह की भर रही ललकार
Punjab

शंभू बॉर्डर के हर मोर्चे पर डटीं हजारों महिलाएं, हर तरह से दे रहीं सहयोग, मोर्चा फतेह की भर रही ललकार

Talk Hindustan
Last updated: 2024/02/18 at 5:11 PM
Talk Hindustan
Share
4 Min Read
शंभू बॉर्डर के हर मोर्चे पर डटीं हजारों महिलाएं, हर तरह से दे रहीं सहयोग, मोर्चा फतेह की भर रही ललकार
SHARE

केंद्र से चौथे दौर की बैठक से पहले पटियाला के शंभू बॉर्डर पर माहौल शांतिपूर्ण है। युवाओं के जोश और बुजुर्गों के हौसले को बड़ी संख्या में महिलाओं का साथ मिल रहा है। वह लगातार मोर्चे पर डटी हैं। कुछ महिलाएं बच्चों को भी साथ ले आईं हैं। वहीं, झड़प में घायल किसान इलाज करवाकर वापस मोर्चे में शामिल हो रहे हैं।  किसानों का कहना है कि बैठक में मांगों का हल हो गया तो ठीक है, वरना मोर्चा फतेह करके ही घरों को लौटेंगे। उधर, बॉर्डर पर लगातार किसानों की गिनती बढ़ रही है। बॉर्डर से पहले करीब पांच किलोमीटर तक सड़क हजारों ट्रैक्टर-ट्रालियों से पट गई है। इनकी संख्या सात हजार के करीब बताई जा रही है।

मोर्चे में केवल पंजाब के ही नहीं, बल्कि राजस्थान और हरियाणा के भी किसान जुटने लगे हैं। पूरा दिन बॉर्डर के नजदीक पंजाब पुलिस का कोई भी मुलाजिम तैनात नहीं दिखा। किसान नेताओं के वॉलंटियर ही मोर्चा संभालते दिखे। ये वॉलंटियर नौजवानों से लगातार अपील करते दिखे कि वह बॉर्डर की तरफ न जाएं। वहीं, बॉर्डर से करीब एक किलोमीटर पहले लगाई रस्सी पर भी ड्यूटी देते रहे। शुक्रवार को कुछ नौजवान इस रस्सी को फांदकर आगे चले गए थे। इसके बाद हरियाणा की तरफ से काफी आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे, इससे माहौल दोबारा से तनावपूर्ण बन गया था।

किसानों ने अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियों को मॉडीफाई करके इसे अस्थायी ठहराव बना रखा है। इसमें लंगर बनाने के लिए राशन से लेकर सब्जियां, गद्दे, कंबल व अन्य सभी जरूरत का सामान रखा है। नौजवानों से लेकर बुजुर्ग सभी आयु वर्ग के किसान पंजाब के कोने-कोने से मोर्चे में पहुंचे हैं, जिनके हौसले बुलंद हैं। किसानों का कहना है कि यह अस्तित्व की लड़ाई है। वह पीछे नहीं हटेंगे। किसानों का कहना है कि अगर पहले किसानी आंदोलन में मोदी सरकार से लिखित में मांगों संबंधी वादा ले लिया होता, तो आज दूसरी बार संघर्ष करने की जरूरत नहीं पड़ी। उम्मीद है कि इस बार लिखित में वादे लिए जाएंगे।

मोर्चे की एक खास बात यह है कि किसानों के हक में बॉर्डर के आसपास लगते गांवों के लोग व गुरुद्वारों से भी कमेटियों के नुमाइंदे सामने आ रहे हैं। गुरदासपुर से पहुंचे किसान जरनैल सिंह, अमृतसर के गांव पंधेर कलां के बलविंदर सिंह (70) ने कहा कि किसानों के पास छह महीने का राशन मौजूद है, लेकिन अब तक लंगर बनाने की जरूरत बहुत कम पड़ी है। गुरुद्वारा कमेटियां व आसपास के ग्रामीण दूध से लेकर सब्जी रोटी, लस्सी, मिठाई, फल व पानी का लंगर लेकर रोज पहुंच रहे हैं।

हरियाणा की तरफ से दागी जा रहीं रबड़ की गोलियों व आंसू गैस के गोलों के मुकाबले महिलाएं झंडे व डंडे के दम पर मोर्चा फतेह करने का जज्बा रखती हैं। इनमें कईं 60 से 80 साल तक की बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं, लेकिन उम्रदराज होने के बावजूद इनमें हौसले की कोई कमी नहीं है। महिलाओं का कहना है कि जब उनके बच्चे, भाई व पति अपने हकों के लिए बॉर्डर पर निहत्थे लड़ रहे हैं तो फिर वह घर कैसे बैठ सकती थीं। इसलिए वह बॉर्डर पर इकट्ठा हो रही हैं और जरूरत पड़ी तो वह खुद आगे होकर मुकाबला करेंगी।

TAGGED: Farmers
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Copy Link
Share
Previous Article पंजाब के 7 जिलों में इंटरनेट बंद, जानें कहां-कहां और कब तक जारी रहेगी पाबंदी पंजाब के 7 जिलों में इंटरनेट बंद, जानें कहां-कहां और कब तक जारी रहेगी पाबंदी
Next Article ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਡਾ.ਬਲਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਡੇਢ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਮਲੋਟ ਵਿਖੇ ਡਾਇਲਸਿਜ ਯੂਨਿਟ ਸਮੇਤ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ  ਦਾ ਕੀਤਾ ਉਦਘਾਟਨ ਕੈਬਨਿਟ ਮੰਤਰੀ ਡਾ.ਬਲਜੀਤ ਕੌਰ ਨੇ ਡੇਢ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ ਸਿਵਲ ਹਸਪਤਾਲ ਮਲੋਟ ਵਿਖੇ ਡਾਇਲਸਿਜ ਯੂਨਿਟ ਸਮੇਤ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟ ਦਾ ਕੀਤਾ ਉਦਘਾਟਨ
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Jalandhar News Website
Punjab News Today in Hindi, videos, and the latest top stories in world news, business, politics, health and more.Punjab News Today in Hindi, videos, and the latest top stories in world news, business, politics, health and more.
Follow US
© 2021 Talk Hindustan. Designed by iTree Network Solutions +91-8699235413.
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer
  • Grievance
  • Our Authors
  • Contact Us
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?