कपूरथला(गौरव मढ़िया )भाजपा किसान मोर्चा के जिला प्रधान साहिब सिंह ढिल्लो ने जोर देकर कहा कि देश में खेलों के लिए जरूरी है कि हमारे युवाओं में खेलों को लेकर विश्वास पैदा हो,खेल को अपना प्रॉफ़ेशन बनाने का हौसला बढ़े।यही मोदी सरकार का संकल्प भी है,और सपना भी।उन्होंने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री पद का कार्यकाल पहली बार संभालने के बाद से ही पीएम मोदी ने भारत में खेल सुविधाओं का विस्तार और खिलाडियों का मनोबल बढ़ाने वाले कई कामों पर ध्यान केंद्रित किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की विश्वस्तर पर जिस पैमानों पर गणना की जाती है उसमें एक प्रमुख पैमाना खेल भी रहते हैं।खेल और खिलाड़ियो को मिलने वाली सुविधाए,खेल सुविधाओं का विकास एक अहम पैमाना होता है जो किसी भी राष्ट्र की प्रगति का रुख स्पष्ट करता है।भारत जैसा विशाल राष्ट्र आज पीएम मोदी के नेतृत्व में खेलों के क्षेत्र में इसी गौरव को फिर से हासिल करने के लिए जी जान से जुटा है।
साहिब सिंह ढिल्लो ने कहा कि पीएम मोदी ने ना सिर्फ खिलाड़ियो और उनकी जुड़ी आवश्यकताओ पर खास ध्यान दिया बल्कि कई ऐसे कदम भी उठाए जिसने खिलाड़ियो का उत्साह बढाने में अहम भूमिका निभाई।इसमें हर बड़ी खेल प्रतियोगिता में जाने से पहले और विजय के बाद व्यक्तिगत रुप से खिलाडियो को बधाई देना,अपने निवास स्थान पर खिलाडियो से मुलाकात और बातचीत कर उनका लगातार उत्साहवर्धन करना शामिल है।इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने प्रतियोगिता में हारने वाले खिलाडियो का भी व्यक्तिगत रुप से उत्साहवर्धन किया।
ढिल्लो ने बताया कि 8 साल पहले तक भारत के खिलाड़ी,सौ से भी कम इंटरनेशनल इवेंट्स में हिस्सा लेते थे।इसके विपरीत,अब भारत के खिलाड़ी 300 से भी ज्यादा इंटरनेशनल इवेंट्स में शामिल होते हैं।उन्होंने कहा आठ साल पहले भारत के खिलाड़ी 20-25 खेलों को खेलने ही जाते थे।अब भारत के खिलाड़ी करीब 40 अलग-अलग खेलों में हिस्सा लेने जाते हैं।पदकों की संख्या के साथ-साथ भारत की आभा आज बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि इससे समाज में विश्वास पैदा होता है कि खेलों की ओर बढ़ना सही फैसला है।
उन्होंने कहा कि कहा कि युवाओं में खेलों के प्रति रुचि उन्हें नशे से दूर रखने में सहायक होती है।युवाओं को भी चाहिए कि वे अपने अंदर खेलों के प्रति लगाव पैदा करते हुए किसी भी खेल का हिस्सा बनें।नशा को खत्म करना हम सबकी नैतिक व सामाजिक जिम्मेवारी है।उन्होंने कहा कि आज का युवा खेलों में रुचि लेकर नशे से बच सकते हैं,
हम सबका यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि युवाओं को खेलों की तरफ ध्यान लगाकर नशे से मुक्ति लाई जा सकती है।उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग व एकजुटता से ही युवा वर्ग को नशे की प्रवृति से दूर रखा जा सकता है।उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए अभिशाप है।समाज में नशा की प्रवृति देश की उन्नति व तरक्की में बाधक है।

