किसानों और हरियाणा पुलिस के बीच टकराव हो गया। इस दौरान 23 लोग घायल हुए हैं। वहीं एक नौजवान की मौत हो गई। नौ आंदोलनकारी शंभू और 14 खन्नौरी बॉर्डर पर घायल हुए हैं। शंभू बॉर्डर पर घायल होने वाले सभी नौ किसानों को मामूली चोट आई है। इन्हें राजपुरा के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया। वहीं खनौरी बॉर्डर पर घायल होने वाले 14 आंदोलनकारियों में से चार को पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनकी हालत फिलहाल स्थिर है। वहीं बठिंडा निवासी 21 वर्षीय शुभकरण सिंह की गोली लगने से मौत हो गई। राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. एचएस रेखी के मुताबिक गोली के बारे में पोस्टमार्टम होने के बाद ही पता लग सकेगा।
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बुधवार देर शाम को सरकारी राजिंदरा अस्पताल का दौरा कर घायल किसानों का हालचाल जाना। उन्होंने खनौरी बॉर्डर पर नौजवान की मौत पर शोक जताया और कहा कि भारत देश एक है लेकिन केंद्र की ओर से उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे हालात बनाए जा रहे हैं और अंतरराज्यीय सरहद को अंतरराष्ट्रीय सरहद बना दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अपनी मांगों के लिए शांतमयी प्रदर्शन के लिए दिल्ली जाने पर अड़े किसानों पर गोलियां व आंसू गैस के गोले दागना लोकतंत्र का कत्ल है। उन्होंने कहा कि घायल किसानों को अस्पताल लाने के वास्ते बॉर्डरों के पास एंबुलेंस तैनात की गई है। हरियाणा से सटे मोहाली, पटियाला, संगरूर, बरनाला, मानसा, बठिंडा व मुक्तसर साहिब के सरकारी अस्पतालों में घायल किसानों के इलाज की पूरी व्यवस्था है जबकि बैकअप सहायता के तौर पर फतेहगढ़ साहिब व लुधियाना के अस्पतालों में एंबुलेंसों को भी तैयार रखा गया है।

