सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को सोमवार को जमानत प्रदान कर दी। अदालत के आदेश के बाद मंगलवार को मजीठिया पटियाला स्थित नाभा जेल से रिहा हो गए।
जेल के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने मजीठिया का गर्मजोशी से स्वागत किया। रिहाई के बाद जैसे ही वह जेल परिसर से बाहर आए, कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। मजीठिया वाहन पर सवार होकर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार करते नजर आए। इस दौरान उन्होंने अपनी मूंछों को ताव दिया, जिसे देखकर समर्थकों में खासा जोश और खुशी देखी गई।
मजीठिया की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने यह आदेश पारित किया। इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मजीठिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसे उन्होंने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि मजीठिया के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि कोई आरोपी दोषमुक्त हो गया हो और कानून अपना काम करता रहेगा।
इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कि मजीठिया पिछले सात महीनों से हिरासत में हैं। हाई कोर्ट ने चार दिसंबर को दिए गए आदेश में मजीठिया की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि उनकी ओर से जांच को प्रभावित करने की संभावना को नकारा नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने कहा था कि मजीठिया उसके बाद जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं। विजिलेंस ने 25 जून को मजीठिया को गिरफ्तार किया था।

