पंजाब में पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया गया है। राज्य चुनाव आयोग की ओर से बुधवार को पंचायत चुनाव की घोषणा की गई है। इसके तहत 15 अक्तूबर को पंजाब में पंचायत चुनाव होंगे। मतदान प्रक्रिया 15 अक्तूबर को सुबह 8 से शाम 4 बजे तक होगी। वहीं, चुनाव के लिए 27 सिंतबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जो चार अक्तूबर तक चलेगी। 5 अक्तूबर को स्क्रूटनी होगी और 7 अक्तूबर तक नामांकन वापस लिया जाएगा।
पंजाब चुनाव आयोग कमिशनर राज कमल चौधरी की तरफ से बुधवार को पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। राज्य चुनाव आयोग ने जानकारी दी कि इलेक्ट्रोल रोल की अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। राज्य में 13,237 ग्राम पंचायतों में मतदान के लिए 19,010 पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। मतदान बैलेट पेपर से होगा। 1,33,97,932 कुल मतदाता ग्राम पंचायत चुनाव में वोट डालेंगे। चुनाव में 83,437 सरपंच चुने जाएंगे। 2018 में 4 हजार पंचायतें सर्वसम्मति से बनी थी।
चुनाव के लिए उम्मीदवारों को नॉमिनेशन फीस 100 रुपये तय की गई है। एससी कैंडीडेट्स के लिए 50 रुपये नॉमिनेशन फीस होगी। वहीं, चुनावी खर्च में सरपंच पद के उम्मीदवार 40 हजार रुपये तक खर्च कर सकेंगे। वहीं पंच उम्मीदवारों के लिए 30 हजार रुपये नॉमिनेशन फीस होगी। 2018 के पंचायत चुनाव में चुनावी खर्च सरपंच उम्मीदवारों के लिए 30 हजार और पंच के लिए 20 हजार रुपये था। हर जिले में इलेक्शन आब्जर्वर लगाए जाएंगे। बैलट पेपर पर नोटा का विकल्प भी होगा। आयोग की तरफ से पंचायत चुनाव को लेकर पूरी जानकारी sec.punjab.gov.in पर साझा की जाएगी।
राज्य चुनाव आयोग कमिश्नर ने बताया कि बैलट पेपर पर नोटा का विकल्प भी होगा। सरपंच और पंच चुनाव के लिए अलग सिंबल रखे गए हैं। कुल चुनाव सिंबल 173 होंगे। इनमें जिला परिषद चुनाव के लिए 32 सिंबल हैं। ब्लॉक समिति के लिए 32, पंचों के लिए 70 और सरपंच के लिए 38 सिंबल रखे गए हैं। पंचायत चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की आयु सीमा 25 साल रखी गई है। वहीं सरपंच के लिए गुलाबी बैलट पेपर और पंच के लिए सफेद बैलट पेपर होगा।
ग्राम पंचायत चुनाव में अलग से मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट सभी राजनीतिक दलों को भेजा जाएगा। सरकार किसी भी ग्राम के लिए कोई ग्रांट और सरकारी मशीनरी का प्रयोग नहीं करेगी। चुनाव को संपन्न करवाने के लिए 96 हजार से अधिक स्टाफ को ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

