जालंधर : सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (डी.एल एस ए) जालंधर ने ‘मुफ्त कानूनी सहायता और पीड़ित मुआवजा’ पर एक ज्ञानवर्धक सेमिनार की मेजबानी की। सेमिनार का उद्देश्य छात्रों को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता के लिए उपलब्ध अवसरों की गहरी समझ प्रदान करके पारंपरिक कानूनी शिक्षा से आगे बढ़ना था। डी.एल एस.ए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव बलजिंदर सिंह इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए और छात्रों की कानूनी जागरूकता बढ़ाने के लिए अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल किया।

उन्होंने मुफ्त कानूनी सहायता और पीड़ित मुआवजे की जटिलताओं से परिचित कराते हुए एक प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने सावधानीपूर्वक विस्तार से बताया कि इन अनिवार्य सेवाओं के लिए कौन पात्र है, जिससे छात्रों को उनके अधिकारों की व्यापक समझ मिली।
इस कार्यक्रम में सीटी ग्रुप के वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

कैम्प के निर्देशक डॉ.जी.एस सिद्धु डॉ.मानवप्रीत कौर, प्रिंसिपल सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ,और छात्र भी शामिल थे। उनकी सामूहिक उपस्थिति ने ऐसी कानूनी शिक्षा को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित किया जो न केवल सैद्धांतिक हो बल्कि वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों से गहराई से जुड़ी हो। कार्यक्रम के रिसोर्स पर्सन बलजिंदर सिंह ने उत्साहपूर्वक जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी और छात्रों को किसी भी समय कानूनी सहायता कार्यालय में जानकारी और सहायता प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया।


