जालंधर(गौरव मढ़िया )पूर्व विधायक व भाजपा प्रदेश वित्त कमेटी के सदस्य सरबजीत सिंह मक्कड़ ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इक़बाल सिंह लालपुरा से मुलाकात कर जालंधर के लतीफपुरा में मकान तोड़ने का मामला उठाया।
उन्होंने दोनों नेताओ को बताया कि राज्य की आम आदमी पार्टी की सरकार ने लोगों के मकान तोड़कर उनके साथ सरासर धक्का किया है।यदि राज्य सरकार ने जमीन लेनी ही थी तो यहां पर रहे लोगों को पहले दूसरी जगह बसाना चाहिए था।फिर लोगों की सहमति से मकान गिराते।
इस माैके मुलाकात के बाद सरबजीत सिंह मक्कड़ ने कहा कि सरकार ने बिना पैमाइश के लतीफपुरा में घराें काे उजाड़कर लाेगाें को बेघर कर दिया।महिलाओं,बच्चाें और बुजुर्गाें के खाने-पीने,रहने और स्नान की व्यवस्था भी नहीं की है।
उन्होंने कहा कि 1947 में देश विभाजन में पाकिस्तान से बेघर हाेकर आए लोगो को अब अपने ही देश में आम आदमी पार्टी की सर्कार ने बेघर कर दिया है।मक्कड़ ने कहा कि लतीफपुरा में हाईकाेर्ट,राजस्व विभाग,प्रशासन और जेआईटी ने जमीन की पैमाइश के बाद जमीन से अवैध कब्जे हटाने के आदेश दिए थे।
इसके लिए लाेगाें ने भी जमीन की पैमाइश की मांग रखी थी,लेकिन बिना पैमाइश के जमीन पर जेसीबी चला दी।उन्होंने कहा कि यह घटना बहुत ही घिनौनी है आम आदमी पार्टी ने आम आदमी के साथ अन्याय किया है।मक्कड़ ने कहा कि वह कड़े शब्दों में आप सरकार की निंदा करते हैं।
उन्होंने इस घटना से सरकार बड़ी नलायकी नजर आती है।सरकार चुनावों के नजदीक अवैध कलोनियों को रैगुलर करती हैं लेकिन यह पीड़ित परिवार तो पिछले 75 सालों से रह रहे हैं और तो और इनके मकान भी 2-2 मरले के हैं।यह घटना निंदनीय है,
पुलिस ने जगह खाली करवाने के वक्त लोगों के साथ काफी गलत व्यावहार किया।उन्होंने कहा कि अगर इस जगह को खाली करवाना ही था तो पहले इन लोगों को कुछ फ्लैट बनाकर देती

