इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के अधिकारियों को फीस संबंधी सूचना 10 दिनों के भीतर प्रशासन की वेबसाइट jalandhar.nic.in पर शुल्क सूची अपलोड करने के निर्देश
जालंधर, 18 अगस्त: डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि इंप्रूवमेंट ट्रस्टों द्वारा बेची गई संपत्तियों के निर्माण के लिए अतिरिक्त समय प्रदान करने और ‘गैर-निर्माण शुल्क’ जमा करने में राहत प्रदान करने हेतु पंजाब सरकार द्वारा जारी ‘एकमुश्त छूट’ (ओ.टी.आर.) नीति के तहत, संबंधित लाभार्थी/आवंटी जालंधर सुधार ट्रस्ट दफ्तर में जाकर अपना बकाया ‘गैर-निर्माण शुल्क’ जमा कर सकते है।
डा.अग्रवाल ने सुधार ट्रस्ट के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संबंधित आवंटियों और लाभार्थियों को उनकी बकाया राशि के बारे में सूचित करें ताकि उन्हें शुल्क जमा करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को बकाया शुल्कों की सूची तैयार कर 10 दिनों के भीतर जालंधर प्रशासन की वेबसाइट jalandhar.nic.in पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि इन सभी मामलों का निपटारा 2 माह के भीतर किया जाए।
उल्लेखनीय है कि इस नीति के अनुसार, जिन आवंटियों का आवंटन पत्र 15 वर्ष से कम या 15 वर्ष से अधिक अवधि के लिए जारी किया गया है, उनके देय ‘गैर-निर्माण शुल्क’ के मूलधन और ब्याज की कुल राशि पर 50 प्रतिशत की छूट है। 15 वर्ष से अधिक अवधि के लिए देय ‘गैर-निर्माण शुल्क’ रिजर्व रेट (लागू) के 5 प्रतिशत की दर से निर्धारित किया जाएगा। इसके अलावा, सरकार सीनियर सिटीजन और महिलाओं तथा ऑपरेशनों में शहीद हुए सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों के सैनिकों के कानूनी उत्तराधिकारियों को ‘गैर-निर्माण शुल्क’ पर उपरोक्त दी गई छूट पर 25 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दे रही है।
उन्होंने आगे बताया कि 15 वर्ष से अधिक अवधि पूरी कर चुके आवंटियों को नीति जारी होने की तिथि से 2 वर्ष के भीतर निर्माण करना अनिवार्य होगा, बशर्ते कि वे इस अवधि के दौरान देय ‘गैर-निर्माण शुल्क’ भी जमा करेंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित आवंटी 31 दिसंबर 2025 तक ‘गैर-निर्माण शुल्क’ छूट प्राप्त कर निर्माण हेतु नक्शा नगर सुधार ट्रस्ट को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि पॉलिसी अवधि समाप्त होने उपरांत नियमों अनुसार प्लॉट कैंसल करने, जब्त करने तथा संबंधित प्लॉटों पर पुनः कब्जा दिलाने की कार्रवाई करने के लिए संबंधित नगर सुधार ट्रस्ट के कार्यकारी अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

