एलपीयू ने विभिन्न ‘एलपीयू एनईएसटी‘ संस्करणों में योग्य विद्यार्थियों को अब तक अध्ययन अनुदान के रूप में कुल 6.8 करोड़ रुपये प्रदान किए
अनुदान प्राप्त करने वाले अधिकांश विद्यार्थी आईआईटी और अन्य टॉप भारतीय संस्थानों से हैं
जालंधर: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने देश भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ने वाले भारत के शीर्ष 88 विद्यार्थियों को गर्व के साथ 88 लाख रुपये का स्टडी ग्रांट वितरित की शांति देवी मित्तल ऑडिटोरियम में आयोजित अनुदान समारोह के चौथे और पांचवें संस्करण की प्रथम शुरुआत वर्ष 2019 में हुई इस कार्यक्रम में योग्य विद्यार्थियों ने अपने माता-पिता और करीबी रिश्तेदारों के साथ भाग लिया
पिछले संस्करणों में, एलपीयू ने विभिन्न एलपीयू एनईएसटी संस्करणों में योग्य विद्यार्थियों को अध्ययन अनुदान के रूप में कुल 6.8 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। अनुदान आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, एनएलयू, आईएचएम, एनआईडी, एनआईएफटी, एआईआईएम और सरकारी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों (केंद्रीय / राज्य) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को वितरित किया गया

इस वर्ष एलपीयू के संस्थापक चांसलर और संसद सदस्य (राज्यसभा) डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने अध्ययन अनुदान वितरित किया। पुरस्कार विजेताओं और उनके माता पिता को अपने संबोधन में डॉ. मित्तल ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रमुख भारतीयों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिनमें ब्रिटेन के प्रधान मंत्री ऋषि सुनक (नेतृत्व), सत्या नडेला (कॉर्पोरेट उद्योग), और नीरज चोपड़ा (खेल) शामिल हैं। उन्होंने सभी भारतीय विद्यार्थियों से भारत को एक महान राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी स्वीकार करने का आग्रह किया। डॉ. मित्तल ने विद्यार्थियों को यह आश्वासन भी दिया कि एलपीयू के फैकल्टी मेंबर उनकी शैक्षिक आवश्यकताओं का समर्थन करने के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
डॉ. मित्तल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करने में देश के प्रयासों की भी सराहना की और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए “नई शिक्षा नीति” को लागू करने में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की पहल को स्वीकार किया, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक अग्रणी निजी विश्वविद्यालय के रूप में एलपीयू इस दृष्टिकोण में योगदान देने की अनूठी जिम्मेदारी निभाता है। समारोह में एलपीयू की प्रो चांसलर श्रीमती रश्मी मित्तल ; प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर डॉ. लोवी राज गुप्ता और प्रोफेसर डॉ. संजय मोदी; और रजिस्ट्रार, डॉ मोनिका गुलाटी ने भी ने भाग लिया।

चौथे संस्करण के तहत, 2022 बैच के विद्यार्थियों को 30 लाख रुपये का अध्ययन अनुदान वितरित किया गया, जबकि 5वें संस्करण के तहत 2023 बैच के विद्यार्थियों को 58 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। एलपीयू-एनईएसटी में भाग लेने वाले योग्य विद्यार्थियों में से प्रत्येक को 1 लाख रुपये का अध्ययन अनुदान प्रदान किया गया। ये विद्यार्थी आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, एनएलयू, आईएचएम, एनआईडी, आईआईटी (आईडीसी/डीओडी), एनआईएफटी, एआईआईएम और विश्वविद्यालय और कॉलेज (केंद्रीय/राज्य) व सरकारी संस्थानों में इंजीनियरिंग, डिजाइन, होटल प्रबंधन, फैशन, कानून और अन्य सहित विभिन्न विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं।
अपने अनुभव को साझा करते हुए, आईआईटी दिल्ली से सीएसई की पढ़ाई करने वाली अनुदान प्राप्तकर्ता राज श्री ने अपना आभार व्यक्त किया और बताया कि कैसे पुरस्कार ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है। उन्होंने एलपीयू के अलावा अन्य संस्थानों के विद्यार्थियों का भी योग्यता के आधार पर विचार करने के एलपीयू के समावेशी दृष्टिकोण की सराहना भी की। एनआईटी में छठे स्थान पर रहे एक और विद्यार्थी के गौरवान्वित माता-पिता ने भी इस पहल की सराहना की।”एलपीयूनेस्ट स्टडी ग्रांट” एलपीयू द्वारा प्रतिभाशाली और मेधावी विद्यार्थियों को पहचानने और उनका समर्थन करने की एक पहल है, भले ही वे एलपीयू में नामांकित हों या नहीं। विश्वविद्यालय का लक्ष्य इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच उत्कृष्टता को सम्मान और प्रोत्साहित करना है।
“एलपीयूनेस्ट स्टडी ग्रांट” के अलावा, एलपीयू पूर्व अपेक्षित परीक्षाओं (10+2 या स्नातक), खेल, संस्कृति, अनुसंधान और विकास, सह पाठयक्रम गतिविधियों, सामाजिक सेवा में प्रदर्शन और बहादुरी की प्रशंसा जैसे कारकों के आधार पर कई अन्य छात्रवृत्ति और पुरस्कार भी प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, अनाथ बच्चों, शारीरिक रूप से अक्षम विद्यार्थियों और सैन्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के लिए भी विशेष छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं।

