एलपीयू ने रचनात्मक एंत्रप्रेन्योर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम इनेबलर्स मीट का आयोजन किया
जालंधर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने हाल ही में स्टार्टअप इकोसिस्टम इनेबलर्स मीट का आयोजन किया, जो विशेष रूप से एलपयू कैंपस में, पंजाब में एंत्रप्रेन्योर विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम था। इस आयोजन में राज्य में एंत्रप्रेन्योर पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने और चर्चा करने के लिए प्रतिष्ठित संगठनों के प्रमुख एक साथ इक्ट्ठे हुए। मुख्य अतिथि के तौर पर यूएई दूतावास में डिपलोमेट और यूएई-भारत सीईपीए काउसिल के निदेशक अहमद अलजनेबी, दीपन साहू, सहायक इनोवेशन डायरेक्टर एमओई, एआईसीटीई, गर्वमेंट ऑफ इंडिया एंड सेंट्रर इंचार्ज ऑफ जयपुर इनोवेशन, अटल एकडमी और आइडिया लैब फैसिलिटी ऑफ एआईसीटीई के साथ अन्य प्रमुख अतिथियों का प्रो वाइस-चांसलर डॉ. लोवी राज गुप्ता और सीनियर डीन डॉ. सोरभ लखनपाल ने स्वागत किया।
इस कार्यक्रम के दौरान इंडस्ट्री लीडर्स, पॉलसी मेकर्स और एंत्रप्रेन्योर के बीच चर्चा हुई, जिन्होंने पंजाब में एंत्रप्रेन्योर विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियों और दृष्टिकोणों को साझा किया। मुख्य विषयों में पॉलिसी फ्रेमवर्क, निवेश के अवसर, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, तकनीकी प्रगति और स्टार्ट-अप के लिए समर्थन तंत्र शामिल थे। उल्लेखनीय रूप से, उच्च शिक्षा संस्थानों में इनक्यूबेटरों की भूमिका पर जोर दिया गया, जो एंत्रप्रेन्योर और उद्यमिता को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण कारक है।
दीपन साहू ने अपने संबोधन में भारत की स्थिति को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में बदलने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने समस्या-समाधान, एंत्रप्रेन्योर, इनोवेशन, विज्ञान और तकनीक के लिए संसाधनों, संस्थानों और व्यक्तिगत क्षमताओं को जुटाने पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय शिक्षा प्रणाली में गिनती की जगह अब गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व पर जोर दिया, वर्तमान में भारत में 60 हजार उच्च शिक्षा संस्थान और 15 लाख के करीब स्कूल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नवाचार और एंत्रप्रेन्योर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मुख्य संकेत के रूप में काम करते हैं, जिसके लिए हाइर मैनेजमेंट की वचनबद्धता और विभिन्न प्रोग्राम की आवश्यकता होती है। उन्होंने इस मिथक को दूर किया कि केवल टेक्नीकल इंस्टीट्यूट ही नवाचार और एंत्रप्रेन्योर को बढ़ावा देते हैं, उन्होंने कहा कि गैर-तकनीकी छात्र अक्सर नए दृष्टिकोण और नए समाधान लेकर आते हैं। अहमद अलजनेबी ने भारत और यूएई के बीच रूपरेखा, अवसरों और नवाचार समर्थन पर प्रकाश डाला। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोगात्मक परियोजनाओं को रेखांकित किया, तथा भविष्य में सहयोग बढ़ाने की आशा व्यक्त की।
प्रो वाइस-चांसलर डॉ. लोवी राज गुप्ता ने विभिन्न क्षेत्रों में भारतीयों द्वारा किए गए महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार किया, तथा एआई को इसका प्रमुख उदाहरण बताया। हालांकि, उन्होंने भारत से इन आविष्कारों को विश्व मंच पर ले जाने में साहस की कमी पर अफसोस जताया। उन्होंने छात्रों के विचारों को सीड फंडिंग प्रदान करके, नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देकर प्रारंभिक कदम उठाने के लिए एलपीयू की सराहना की।
इस कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित लोगों ने भाग लिया जिनमें शामिल थे अनीश सोमानी, प्रोग्राम डायरेक्टर एमएसएच, एमईआईटीवी, संजीव चावला, एडिशनल डिव्लपमेंट कमिश्नर हेडिंग एमएसएमई विकास और डीएफओ, लुधियाना और करनाल, अजय ठाकुर, पूर्व प्रमुख बीएसई एसएमई और स्टार्टअप मुंबई, डॉ. दपिंदर कौर बख्शी, ज्वाइंट निदेशक पीएससीएसटी, डीएसटी, डॉ. सुमीत सुशीलन, अध्यक्ष, एएसएसओसीएचएएम जेएसएसडीसी, इशिता थमन, सहायक निदेशक एमएसएमई, जीओआई, डॉ. राधिका त्रिखा, सीओओ टीआईएफ, एडब्लयूएडीएच, आईआईटी रोपड़, ममता भारद्वाज, सीओओ, न्यूरॉन, एसटीपीआई मोहाली, अद्वैत उपाध्याय, सह-संस्थापक, टैलेंटेलजिया टेक लिमिटेड (बोर्ड सदस्य, टी.आई.ई. चंडीगढ़), विशाल केडिया, बोर्ड सदस्य, और नवसुदीप कौर, सीनियर प्रोग्रामिंग मैनेजर, टी.आई.ई.चंडीगढ़, सुहानी कुमार, सीनियर इंवेस्टमेंट विषेशज्ञ, स्टार्टअप इंडिया, इन्वेस्ट इंडिया, जगमीत सिंह, निदेशक और प्रमुख, सी.आई.आई. पंजाब राज्य कार्यालय, हर्ष खंडूजा और विशाल खन्ना, संयुक्त निदेशक, फिक्की, और अभिषेक रंजन, गर्वमेंट रिलेशन और आउटरीच प्रमुख, यू.ए.ई. दूतावास शुभम सिंह,पॉलिसी मेकर्स, यू.ए.ई.-भारत सी.ई.पी.ए. काउसल, श्याम सुंदर और अमरपाल सिंह वालिया, ज्वाइंट मैनेजर, स्टार्टअप पंजाब, इन्वेस्ट पंजाब।
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