* प्रतियोगिता बहुत ही महत्वपूर्ण रही जिसमें इसरो के चेयरमैन डॉ. एस. सोमनाथ भी शामिल हुए
*एलपीयू के स्पेस इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया, जहाँ उनकी अंतरिक्ष इनोवेशन प्रतिभा के लिए ‘इन–स्पेस इसरो‘ द्वारा सराहना की गई
जालंधर- दो दिवसीय ‘इन-स्पेस कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कॉम्पिटिशन’ अहमदाबाद में संपन्न हुआ, जिसमें लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) की टीम “विहंगा” को इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) (इसरो) द्वारा शीर्ष विजेता घोषित किया गया। यह अपनी तरह का प्रथम राष्ट्रीय आयोजन था जहाँ देश भर की 28 टीमों को पछाड़ते हुए, एलपीयू के सात असाधारण इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स ने एक कैन (CAN) आकार के उपग्रहों को डिजाइन, विकसित और लॉन्च करके अपनी प्रतिभा का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (आईएन-स्पेस) और एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एएसआई), इसरो द्वारा पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य भविष्य के अंतरिक्ष इन्नोवेटर्स को पोषित करना और सशक्त बनाना है। इस कार्यक्रम ने स्टूडेंट्स को उपग्रह निर्माण के विभिन्न पहलुओं का पता लगाने के लिए एक मंच प्रदान किया और भारत में इनोवेशन और वैज्ञानिक अन्वेषण की संस्कृति को बढ़ावा दिया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए, इसरो के अध्यक्ष, डॉ. एस. सोमनाथ ने इनोवेशन और वैज्ञानिक अन्वेषण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करने में इस प्रतियोगिता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एलपीयू की टीम के प्रयासों की सराहना की और इसकी उल्लेखनीय उपलब्धि को स्वीकार किया। डॉ. सोमनाथ ने भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं के रूप में विश्वविद्यालय के एयरोस्पेस कार्यक्रम और अत्याधुनिक उपग्रह प्रयोगशाला का हवाला देते हुए, अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए एलपीयू की प्रतिबद्धता को भी मान्यता दी।
एक अग्रणी विकास में, इनस्पेस के अध्यक्ष, डॉ. पवन गोयनका ने उपस्थित लोगों को सूचित किया कि एएसआई अब निजी क्षेत्र और शिक्षाविदों को सदस्यता प्रदान करता है, जिससे अंतरिक्ष विज्ञान विकास में उनकी भागीदारी बढ़ जाती है। यह कदम विभिन्न हितधारकों की क्षमता को बढ़ाने में एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण का प्रतीक है, जो अंततः भारत के अंतरिक्ष प्रयासों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
एलपीयू के संस्थापक चांसलर और राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने एलपीयू के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को हार्दिक बधाई दी। डॉ. मित्तल ने अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए एलपीयू की प्रतिबद्धता की पुष्टि की, और भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं के रूप में एलपीयू द्वारा निर्मित विभिन्न पेलोड डिजाइनों के लिए अत्याधुनिक ग्राउंड स्टेशन और उपग्रह एकीकरण प्रयोगशाला सहित विश्वविद्यालय के अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र को हाईलाइट भी किया |
इन-स्पेस कैनसैट इंडिया स्टूडेंट प्रतियोगिता में अपनी उल्लेखनीय जीत के साथ, एलपीयू की “विहंगा” टीम ने भविष्य के अंतरिक्ष नवाचार के अग्रदूत के रूप में अपनी क्षमता साबित कर दी है। यह जीत न केवल उनकी असाधारण इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाती है बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में एलपीयू की प्रतिष्ठा को भी मजबूत करती है।
एलपीयू के अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र के प्रोफेसर डॉ. सुमित कुमार की देखरेख में विजेता टीम में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग और सीएसई कार्यक्रमों के सात स्टूडेंट्स -चैतन्य खन्ना, विनय रेड्डी, रिषिका अवस्थी, रिद्धि मल्होत्रा, अदियंती, मल्लिकार्जुन और आशुतोष शामिल थे जिन्होनें देश के आई आई टीज़ , बिट्स पिलानी जैसे कई टॉप संस्थानों के विद्यार्थियों को पीछे छोड़ दिया |

