जालंधर, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने सैकड़ों छात्रों, स्टाफ सदस्यों, कर्मचारियों और एनसीसी/एनएसएस कैडेटों को स्वास्थ्य, मिलकर रहने का संदेश देने और आंतरिक शांति के लिए इक्ट्ठे कर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 मनाया। यह कार्यक्रम एलपीयू की अपने एकेडमिक समुदाय में स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यूनिर्वसिटी कैंपस में आयोजित इस योग सेशन का नेतृत्व आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ योग गुरु डॉ. रामेश्वर ने किया। प्रतिभागियों को नाड़ी शोधन, कपालभाति और भ्रामरी जैसी प्राणायाम तकनीकों के बारे में जानकारी दी गई; ये सभी मन को शांत करने और तनाव को दूर करने की अपनी क्षमता के लिए जाने जाते हैं। सेशन में हृदय रोग, मधुमेह, सर्वाइकल संबंधी समस्याओं और माइग्रेन जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों को प्रबंधित करने में मदद करने के उद्देश्य से चिकित्सीय योग आसन भी शामिल थे। कर्नल दीपांकर सिंह (कमांडिंग ऑफिसर) और कर्नल विशाल मुंदर (एडमिन ऑफिसर) की उपस्थिति ने सभी प्रोफेशन में योग की महत्ता से अवगत करवाया।

मेंबर ऑफ पार्लियामेंट (राज्यसभा) और एलपीयू के फाउंडर चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने संदेश देते हुए कहा “आज की उच्च दबाव वाली दुनिया में, विशेष रूप से युवा दिमागों के लिए जो निरंतर विचलित होते रहते हैं, योग उन्हें शांत करता है। यह आपको गहरी सांस लेने, ध्यान केंद्रित करने और अपने भीतर के आत्म से फिर से जुड़ने की अनुमति देता है। एक दिनचर्या से अधिक, योग एक अनुशासन है जो आंतरिक शक्ति और मानसिक स्पष्टता का निर्माण करता है। मैं प्रत्येक छात्र से इसे दैनिक अभ्यास के रूप में अपनाने का आग्रह करता हूँ।”
इस समारोह का समापन योग को केवल एक दिन के रूप में नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और भावनात्मक लचीलेपन में योगदान देने वाले आजीवन अभ्यास के रूप में अपनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

