जालंधर, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और इंडस्ट्री के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने ‘एक्सप्लेनेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर्ड टूल्ड फॉर दी एर्ली डिडक्शन एंड मैनेजमेंट ऑफ डिमेंशिया’ पर सह-डिज़ाइन वर्कशाप आयोजित की। यह वर्कशाप नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी (यूके) द्वारा फंडिड और एप्लाइड इंटेलिजेंस एंड इंफॉर्मेटिक्स लैब, यूके के सहयोग से करवाई गई।
गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. मुफ्ती महमूद, डायरेक्टर, सीसीबीआई रिसर्च ग्रुप, नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी यूके, और डॉ. मोहम्मद मुस्तफिजुर रहमान, प्रमुख गणित विभाग अमेरिकन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी बांग्लादेश के साथ प्रो. डॉ. लोवी राज गुप्ता, प्रो-वाइस चांसलर और स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के प्रमुख, डॉ. गौरव सेठी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
डॉ. महमूद ने कहा कि भारत में डिमेंशिया का पता लगाना और उसका प्रबंधन करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ की आबादी तेज़ी से बूढ़ी हो रही है और स्वास्थ्य सेवा संसाधन सीमित हैं। सही ईलाज और व्यक्तिगत देखभाल योजनाएँ प्रदान करने के लिए एक्सप्लेनेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपकरणों की आवश्यकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाले और परिवार एआई के निर्णयों को समझ सकें और उन पर भरोसा कर सकें जिससे रोगी का बेहतर ईलाज हो सके।
उन्होंने डिमेंशिया का पता लगाने और प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से चलने वाले उपकरण बनाने पर केंद्रित एक कार्यशाला आयोजित की। उन्होंने ब्लैक-बॉक्स लर्निंग मॉडल से एक्सप्लेनेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल तक एआई आधारित तरीको के सफऱ के बारे में जानकारी दी। डॉ एम मुस्तफ़िज़ुर रहमान ने भी अपने विचार पेश किए। श्रीमन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ अनमोल सिंह राय ने भारत में हेल्थ क्षेत्र में कार्य करने वालों द्वारा अपनाए गए कारण, उपचार और स्टैंडर्ड प्रक्रियाओं पर विस्तृत चर्चा के साथ डिमेंशिया रोगियों के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने एआई, चैटबॉट और सुरक्षा और प्राइवेसी की समस्या और चुनौतियों को पेश करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, डॉ लोवी राज गुप्ता ने आधुनिक स्वास्थ्य सेवा के एक महत्वपूर्ण पहलू, डिमेंशिया का शीघ्र पता लगाने और मैनेजमेंट की बढ़ती आवश्यकता को संबोधित करने के लिए एक्सप्लेनेबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपकरण विकसित करने को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि यह वर्कशाप प्रभावी, यूजर्स-केंद्रित समाधान विकसित करने के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों को इक्ट्ठा करने के महत्व को दर्शाती है।

