जालंधर, 20 नवंबर : : एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, जालंधर ग्रामीण पुलिस ने शिकायत मिलने के पांच घंटे के भीतर हत्या के मामले को सुलझा लिया, जिससे मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हो गई। मामला एक महिला की हत्या से जुड़ा है, जिसका शव गांव अट्टा के एक तालाब से बरामद किया गया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लियाकत अली उर्फ बलजई पुत्र मुहम्मद सफी निवासी गांव गारा, थाना फिल्लौर तथा उसके साथी अब्दुल गनी पुत्र मुहम्मद सफी निवासी गांव गारा, थाना फिल्लौर के रूप में की गई है, जो इस मामले में नामजद है तथा अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है।
मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरकमलप्रीत सिंह खख ने कहा कि जांच के विभिन्न पहलुओं पर काम करने के लिए कई टीमें बनाई गई थीं। मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व एसपी जांच जसरूप कौर बाथ तथा डीएसपी फिल्लौर सरवन सिंह बल्ल, पीपीएस, एसएचओ फिल्लौर इंस्पेक्टर संजीव कपूर तथा थाना फिल्लौर की जांच टीम ने किया। यह अभियान व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ा, क्योंकि टीमों ने तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए, पड़ोस की जांच की और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। सफलता तब मिली जब जांचकर्ताओं ने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की, जिससे वे आरोपी तक पहुंचे। लगातार पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया और पुलिस को अट्टा तालाब गांव ले गया, जहां शव बरामद किया गया।
पीड़ित के कपड़े भी बरामद किए गए और परिवार के सदस्यों ने उनकी पहचान की। जांच से पता चला कि आरोपी ने अपने और पीड़ित के मोबाइल फोन तोड़कर सबूत मिटाने की योजना बनाई थी। दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन फिल्लौर में धारा 103, 238 बीएनएस के तहत एफआईआर नंबर 309 दिनांक 19.11.2024 दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी लियाकत अली ने मृतक शकुरा के साथ अवैध संबंध बनाए थे। घटना वाले दिन वह अपने भाई अब्दुल गनी के साथ नहर के पास पीड़ित से मिला। इस दौरान विवाद हुआ और लियाकत अली ने शकुरा का गला घोंट दिया। इसके बाद आरोपी ने अपने भाई की मदद से सबूत मिटाने के लिए शव को गांव के तालाब में फेंक दिया।
गिरफ्तार आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा और अतिरिक्त सबूत बरामद करने तथा फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस रिमांड मांगा जाएगा। सह-आरोपियों के संभावित ठिकानों पर कई टीमें भेजी गई हैं। एसएसपी खख ने कहा, “इस मामले को सुलझाने में तकनीकी और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों ने अहम भूमिका निभाई है।” उन्होंने कहा कि शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें काम कर रही हैं।

