* पंजाब के माननीय राज्यपाल ने कहा, “एलपीयू द्वारा 22 लाख से अधिक रक्षा और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को पूर्ण शुल्क-माफी स्कॉलरशिप केवल सिर्फ एक कदम नहीं है- यह राष्ट्र निर्माण का एक साहसिक कार्य है।”
* एलपीयू ने माननीय राज्यपाल की अध्यक्षता में प्रतिष्ठित वाइस चांसलर्स और डायरेक्टर्सकी कांफ्रेस में पंजाब भर से टॉप एकेडमिक लीडर की मेजबानी की
जालंधर: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) को पंजाब के माननीय राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया की मेजबानी करने का विशेष सम्मान मिला, जिन्होंने कैंपस में आयोजित पंजाब वाइस चांसलर और डायरेक्टर्स कांफ्रेस की अध्यक्षता की। प्रतिष्ठित सभा में पंजाब भर के सरकारी, निजी और ऑटोनोमस यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और संस्थानों के एकेडमिक लीडर्स एक साथ आए। एकेडमिक लीडर्स को संबोधित करते हुए, माननीय राज्यपाल ने इनोवेशन, समावेशी और प्रभाव-संचालित शिक्षण मॉडल के माध्यम से भारत के भविष्य को आकार देने में एलपीयू जैसे एकेडमिक संस्थानों की भूमिका की सराहना की। श्री कटारिया ने कहा, “एलपीयू जैसे संस्थानों को प्रगतिशील दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ते हुए और 22 लाख से अधिक रक्षा और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को पूर्ण शुल्क-माफी स्कॉलरशिप प्रदान करते हुए देखना उत्साहजनक है। यह पहल केवल शिक्षा के बारे में नहीं है- यह सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है।”
उन्होंने शिक्षाविदों से नशीली दवाओं की लत जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों को संबोधित करने का कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा, “‘युद्ध नशा विरुद्ध’ को लोगों के आंदोलन में बदलने के लिएशिक्षक, छात्र, परिवारहम सभी को एक साथ आना चाहिए। शिक्षा और जागरूकता हमारे पास सबसे शक्तिशाली हथियार हैं। केंद्रित प्रयासों के साथ, मुझे विश्वास है कि हम अगले पांच वर्षों के भीतर नशा मुक्त पंजाब का निर्माण कर सकते हैं।” माननीय राज्यपाल ने शिक्षा और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए एलपीयू की प्रतिबद्धता की सराहना की और भारत के अग्रणी बहु-विषयक यूनिवर्सिटी में से एक के रूप में इसके महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार किया।
डॉ. अशोक कुमार मित्तल, संसद सदस्य (राज्यसभा) और एलपीयू के संस्थापक चांसलर ने माननीय राज्यपाल को उनकी प्रेरक उपस्थिति और नेतृत्व के लिए धन्यवाद दिया। डॉ. मित्तल ने कहा, “हमें सम्मानित एकेडमिक लीडर्स की उपस्थिति में उच्च शिक्षा पर इस तरह के ज्ञान से भरपूर संवाद की मेजबानी करने का सम्मान मिला है। एलपीयू न केवल अकादमिक बेहतरी बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के लिए भी प्रतिबद्ध है।” कांफ्रेस में एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी), विज्ञान और पंजाब के उच्च शिक्षा परिदृश्य में नीति संरेखण, एकेडमिक श्रेष्ठता और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से ओपन-हाउस चर्चाओं पर केंद्रित सेशन शामिल थे।
कार्यक्रम में कर्नल डॉ. रश्मि मित्तल (प्रो चांसलर, एलपीयू); डॉ. जसपाल सिंह संधू (वाइस चांसलर, एलपीयू); प्रोफेसर पंकज अरोड़ा (अध्यक्ष, एनसीटीई); श्री विवेक प्रताप सिंह, आईएएस (राज्यपाल के प्रधान सचिव); श्री ललित जैन, आईएएस (निदेशक, जनगणना संचालन); सर्वेश कौशल, सेवानिवृत्त आईएएस (पूर्व मुख्य सचिव), गिरीश दयालन, आईएएस (महानिदेशक, स्कूल शिक्षा और निदेशक उच्च शिक्षा पंजाब)और डॉ. अमित कौत्स (डीन, शिक्षा, जीएनडीयू), कई अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों, वाइस चांसलर, ब्यूरोक्ट्रस, स्टाफ सदस्यों और छात्र प्रतिनिधियों के अलावा उपस्थित थे।
सम्मेलन का समापन बहुत अच्छे ढंग से हुआ, जिसमें पंजाब के शैक्षणिक संस्थानों में शैक्षिक सुधार, युवा सशक्तिकरण और सहयोगात्मक विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।

