छात्रों को राज्य और देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में योगदान देने को कहा
भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी, मानवता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने को कहा
जालंधर, 26 अक्तूबर: पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डा. बलबीर सिंह ने आज पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ मैडीकल सांईस (पिमस) में डिग्री वितरण समारोह के दौरान छात्रों को डिग्रियां प्रदान की और उन्हें राज्य एंव देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने में योगदान देने का न्योता दिया। इस दौरान गैस्ट आफ आनर पिम्स सोसायटी के डायरैक्टर डा. कंवरदीप सिंह और पंजाब एग्री एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन के चेयरमैन मंगल सिंह भी मौजूद थे। समारोह की शुरुआत में स्वास्थ्य मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन के बाद डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वास्थ्य सेवा जैसे आदर्श पेशे में कदम रखने जा रहे है, इसलिए उनकी जिम्मेदारी काफी बढ़ जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नैतिक मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का पालन पूरी लगन एवं मेहनत से करने को कहा।

मंत्री ने सभी डिग्री धारकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी और उनसे अपने पेशे के माध्यम से मानवता की सेवा के लिए हमेशा तैयार रहने को कहा। इस दौरान उन्होंने छात्रों के माता-पिता और शिक्षकों को भी बधाई दी। इस दौरान डा. बलबीर सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में उठाए जा रहे क्रांतिकारी कदमों का भी जिक्र किया।
इस दौरान डायरैक्टर श्री. राजीव अरोड़ा ने छात्रों को मानवता की सेवा के सबसे अनुशासित और महान पेशे में प्रवेश करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान की गयी मेहनत का फल आज उन्हें मिल रहा है।

पिम्स के कार्यकारी अध्यक्ष डा. कंवलजीत सिंह ने कहा कि मैडीकल सेवा में निरंतर अपग्रेडशन की आवश्यकता है, ताकि समय की मांग के अनुरूप मानव सेवा में अहम भूमिका निभा सके। उन्होंने युवा डॉक्टरों से अपनी पेशेवर जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और समर्पण से निभाने को कहा। अस्पताल के डायरैक्टर गुरकीरत सिंह और पिम्स के एसोसिएट डीन अकादमिक डा. हरविंदर कौर चीमा ने भी डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी और उन्हें अपनी डियूटी को कर्तव्य समझ कर निभाने को कहा। गौरतलब है कि समारोह के दौरान करीब 180 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई। इस दौरान पिम्स के मैडीकल सुपरडैंट डा.पुनीत खुराना के अलावा विद्यार्थियों के माता-पिता और पिम्स का स्टाफ भी मौजूद था।


