ओट में पुनर्वास केंद्र शेखे की भी जांच की, नशा करने वालों को नशा छोड़ने के लिए किया प्रेरित
4 लाख से अधिक लोगों ने आम आदमी क्लीनिक में ओपीडी सुविधा का लाभ लिया
जालंधर, 5 अक्तूबर: डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने गुरुवार सुबह विभिन्न आम आदमी क्लीनिकों का निरीक्षण किया और उनके काम का जायजा लिया।डिप्टी कमिश्नर ने लम्मा पिंड, बस स्टैंड, रेरू गांव, गांधी कैंप में चल रहे आम आदमी क्लीनिक का दौरा किया और क्लीनिक में मौजूद कर्मचारियों से मरीजों के आने, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन , मैडीकल जांच, लैब टैस्ट, दवाओं के स्टॉक के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने वहां जांच के लिए आए लोगों से भी बातचीत की और क्लीनिक के कामकाज में किए जा सकने वाले अन्य सुधारों के बारे में पूछा। उन्होंने स्टाफ को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि लैब टेस्ट की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर मरीजों तक पहुंचा दी जाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी क्लीनिक का उद्देश्य आम लोगों को बिना किसी परेशानी के उनके घर के पास ही निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण उपचार और परीक्षण सुविधाएं प्रदान करना है।

श्री सारंगल ने बताया कि जिले में ऐसे कुल 55 क्लीनिक काम कर रहे है और 4 अक्तूबर तक 416749 ओपीडी चल रही है और 99194 लैब टैस्ट की सुविधा प्रदान की जा चुकी है।बाद में, डिप्टी कमिश्नर ने शेखे में सरकारी ड्रग पुनर्वास केंद्र और आउट पेशेंट ओपीओड असिस्टेड ट्रीटमेंट (ओट) सैंटर का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से सैंटर की कार्यप्रणाली के बारे में पूरी जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि सैंटर में 24 घंटे 20 बिस्तरों की सुविधा है और एक मैडीकल अधिकारी, काउंसलर, वार्ड बॉय, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी है जो नशे के आदी लोगों को इस जाल से बाहर निकालने के लिए अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है।उन्होंने कहा कि पुनर्वास सैंटर में युवाओं के लिए जिम, संगीत, इनडोर एवं आउटडोर खेल की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने वहां रहने वाले नशे के आदी लोगों से भी बातचीत की और उन्हें स्वस्थ जीवन जीने के लिए नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

डिप्टी कमिश्नर ने सैंटर के काम पर संतुष्टि व्यक्त की और केंद्र के अधिकारियों से सेवाओं को और बढिया बनाने के लिए अन्य आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य से नशे को खत्म करने के लिए वचनबद्ध है और सरकार ने पहले से ही नशे के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है।इस अवसर पर सिविल सर्जन डा. रमन शर्मा, कार्यकारी डीएमसी गुरुमीत लाल आदि भी मौजूद थे।

