करतारपुर 17 जुलाई (जसवंत वर्मा )सिविल सर्जन जालंधर के दिशा-निर्देशों तथा सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. रविंदर कौर के मार्गदर्शन में सीएचसी करतारपुर में फील्ड स्टाफ के लिए वायु प्रदूषण एवं फेफड़ों के स्वास्थ्य संबंधी एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर लंग केयर फाउंडेशन की ओर से सुश्री रितविका एवं सुश्री हृतिका़ ने स्वास्थ्य विभाग के फील्ड स्टाफ को वायु प्रदूषण के मानव स्वास्थ्य, विशेष रूप से फेफड़ों पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बढ़ता वायु प्रदूषण अस्थमा, सीओपीडी (COPD), फेफड़ों के संक्रमण तथा अन्य श्वसन संबंधी रोगों का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान फील्ड स्टाफ को घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छ वायु के महत्व, धुआँ एवं धूल से बचाव, कूड़ा-कचरा न जलाने, तंबाकू एवं धूम्रपान से दूर रहने, घरों में उचित वेंटिलेशन बनाए रखने तथा सांस संबंधी किसी भी समस्या होने पर समय रहते स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाने के लिए जागरूक करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही क्षय रोग (टीबी), लगातार रहने वाली खांसी तथा अन्य फेफड़ों की बीमारियों की शीघ्र पहचान कर आवश्यक मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने के महत्व पर भी चर्चा की गई।
सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. रविंदर कौर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का फील्ड स्टाफ समुदाय तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाने की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। यदि वे लोगों को वायु प्रदूषण से बचाव एवं फेफड़ों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगे तो श्वसन संबंधी बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
इस जागरूकता कार्यक्रम की समस्त व्यवस्थाएं ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर हिमालया प्रकाश द्वारा की गईं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मचारियों ने विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए तथा अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को वायु प्रदूषण से बचाव एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक करने का संकल्प लिया।

