ज़िला क्रेडिट समिति की बैठक में बैंको को लघु उद्योगों के विकास, कृषि आधारित इकाइयों की स्थापना, बागवानी, डेयरी विकास, मुर्गी पालन के लिए आगे आने का न्योता दिया
जालंधर, 8 अगस्त : जालंधर जिले में स्व-रोज़गार को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) जसबीर सिंह ने बैंकों से कहा है कि कौशल युवाओं को स्वरोजगार के लिए आसान दरों पर ऋण दे ताकि वे राज्य के आर्थिक विकास के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। आज यहां जिला प्रशासकीय परिसर में बैंकों की जिला सलाहकार समिति की बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार युवाओं को रोजगार उत्पत्ति और अन्य योजनाओं अधीन पेशेवर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है ताकि वे अपना स्वयं का रोजगार शुरू करके नौकरी माँगने की बजाय रोज़गार देने वाले बने ।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सिफ़ारिश और बैंकों द्वारा मंज़ूर मामलों में ऋण शीघ्र जारी किए जाए। उन्होंने कहा कि बकाया आवेदनों के शीघ्र निपटारे के लिए नगर पालिका परिषदों/नगर पंचायतों में विशेष कैंप आयोजित किये जाएं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा डेयरी विकास, छोटे और मध्यम उद्योगों की स्थापना, गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने और कृषि बुनियादी ढांचा निधि, एससी निगम, मछली पालन की योजनाओं अधीन रोजगार स्थापना के लिए भेजे गए आवेदन/ के लिए सकारात्मक सोच अपनाए ।

इस अवसर पर लीड बैंक मैनेजर एम.एस. मोती ने बैंकों द्वारा दिये गये लक्ष्य की प्राप्ति की जानकारी दी।उन्होंने जून तिमाही में बैंकों की उपलब्धियों की भी जानकारी दी। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने क्रेडिट डिपोजिट रेशो में भी बढ़ोतरी करने को कहा ,बता दे कि जालंधर जिले में मार्च 2024 तक सीडी रेशो 60 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को नाबार्ड अधीन चल रही योजनाओं और विशेषकर फसलों/फलों की मार्केटिंग के बारे में अधिक जागरूक किया जाना चाहिए क्योंकि इस क्षेत्र में किसानों के लिए असीमित संभावनाएं हैं। बैठक के दौरान नाबार्ड से सविता सिंह, रिजर्व बैंक से विशाल एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे

