अधिनियम के अनुसार किसी भी प्रकार की शिकायत एवं मुआवजे के लिए याचिकाकर्ता स्वयं होगा जिम्मेदार
जालंधर, 26 मई : अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट(जनरल) विवेक कुमार मोदी ने बताया कि पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट-2012 के तहत याचिकाकर्ता जतिंदर वालिया पुत्र लाभ सिंह निवासी हाउस नंबर 201, एचआईजी अपार्टमेंट, अर्बन एस्टेट फेज-1, जालंधर, मेसर्स ग्रैंड विंडसर ट्रैवल्स एजेंसी के अंतर्गत, ऑफिस नंबर 2, अल्फा एस्टेट, 39 जी.टी. रोड, जालंधर को लाइसेंस संख्या 480/एमसी1/एमए के तहत 18.06.2018 को जारी किया गया था, जिसकी वैधता अवधि 17.06.2023 तक थी।
अतिरिक्त जिला मैजिस्ट्रेट (ज) ने आगे बताया कि अब उक्त आवेदक की ओर से एक आवेदन प्राप्त हुआ है कि वह फर्म के अधीन काम नहीं करना चाहता है और फर्म का लाइसेंस सरेंडर करना चाहता है। उन्होंने बताया कि उक्त लाइसेंस को रद्द करने/सरेंडर करने के संबंध में पुलिस कमिश्नर, जालंधर से भी रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उक्त लाइसेंस को रद्द करने/समर्पित करने के संबंध में कोई आपत्ति नहीं उठाई गई है।
उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता की इच्छा के अनुसार पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल रेगुलेशन एक्ट-2012 की धारा 8(1) के प्रावधानों के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए याचिकाकर्ता जतिंदर वालिया पुत्र लाभ सिंह निवासी हाउस नंबर 201, एच.आई.जी. अपार्टमेंट, अर्बन एस्टेट फेज-1, जालंधर, मेसर्स ग्रैंड विंडसर ट्रैवल्स एजेंसी के अंतर्गत, ऑफिस नंबर 2, अल्फा एस्टेट, 39 जी.टी. रोड, जालंधर ने लाइसेंस संख्या 480/एमसी1/एमए रद्द/ सरेंडर कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसके अतिरिक्त, उक्त लाइसेंसिंग अधिनियम/नियमों के अनुसार, प्रत्येक पक्ष स्वयं अथवा अपनी फर्म के विरुद्ध किसी भी शिकायत तथा उसकी क्षतिपूर्ति आदि के लिए स्वयं जिम्मेदार होगा।

