गुजरात के राजकोट में शनिवार को एक टीआरपी गेम जोन में भीषण आग लग गई। आग की इस घटना में अबतक 12 बच्चों समेत 27 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई बच्चे अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौजूद हैं। गेम जोन में आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल है। आग लगने के बाद करीब एक किलोमीटर तक धुएं का गुबार देखा जा सकता है।
फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। राजकोट में लगी इस आग की घटना का कई वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में पूरा गेम जोन धूं-धूं कर जलता हुआ दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि छुट्टियों के मौसम में यहां बड़ी संख्या में बच्चे आते हैं, जिस दौरान यह घटना घटी है। उस समय यहां बच्चों की काफी भीड़ थी।
मौके पर पहुंचे फायर बिग्रेड के अधिकारी आईवी खेर ने बताया कि आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। आग बुझाने के प्रयास लगातारी जारी हैं। लापता लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। गेम जोन में लगी आग को बुझाने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जैसे-जैसे आग बढ़ती गई टीन शेड नीचे गिर गया है। घटनास्थल पर हवाएं भी तेज चल रही हैं। इसलिए भी आग बुझाने में दिक्कत आ रही है।
गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने देर रात घटनास्थल का दौरा कर हादसे के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि एक शख्स लापता है। वहीं, राजकोट पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद ‘गेम जोन’ के मालिक और प्रबंधक को हिरासत में लिया गया है। सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया है।जांच के लिए गठित एसआईटी के प्रमुख सुभाष त्रिवेदी ने गृह मंत्री के साथ बैठक के बाद कहा, हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एसआईटी, किस विभाग ने क्या-क्या किया, इसकी पूरी गहन जांच करेगी। हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है, क्या-क्या गलतियां हुई हैं, भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए क्या उपाय जरूरी हैं? ऐसे तमाम सवालों पर मंथन कर जांच होगी।