बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि बसपा एनडीए और I.N.D.I.A गठबंधन से दूरी बनाकर रखेगी, और इनके साथ गठबंधन नहीं करेगी। पहले की तरह पार्टी अपने अकेले अपने बलबूते पर खुद को मजबूत कर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। रविवार को बसपा प्रदेश कार्यालय में यूपी और उत्तराखंड के वरिष्ठ पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों के साथ लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी अकेले ही चुनाव लड़ेगी
उन्हों ने कहा की बसपा विरोधी तत्व राजनीतिक साजिश के तहत बीच-बीच में कई प्रकार का दुष्प्रचार कर रहे हैं, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। वहीं लोगों की ज्वलन्त समस्याएं जैसे विचलित करने वाली महंगाई, अति गरीबी, बेरोजगारी, आय में कमी, बदहाल सड़क, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास तथा अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था आदि लोगों के दिल-दिमाग पर हावी है। यह कितना गंभीर चुनावी मुद्दा बन पाएगा, यह अभी कहना मुश्किल है। उन्होंने तंज कसा कि जनहित एवं जनकल्याण के मामलों में भाजपा व कांग्रेस का रवैया जनविरोधी ही रहा है।
उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक एससी, एसटी व ओबीसी समाज के लोगों को सामाजिक एवं आर्थिक शोषण व अन्याय से बचाने के लिए आरक्षण की व्यवस्था संविधान में की गयी थी, जिसको निष्क्रिय बनाने का प्रयास हर स्तर पर लगातार जारी है। जिसके विरुद्ध संघर्ष जारी रखना है।और बसपा हमेशा ऐसे मुद्दे जो लोक हित में होते है उनके लिए हमेशा अग्रसर रहती है और बसपा ने हमेशा लोगो के हित में सरकार रहते फैसले लिए थे और बसपा हमेशा गरीब वर्ग के साथ है
आज हुई बैठक में गंभीर हालातों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोष सिद्धि से पहले ही बुलडोजर चलाकर किसी व्यक्ति के पूरे परिवार को दंडित किया जा रहा है, तो किसी को सजा मिलने से पहले ही उसके शिक्षण संस्थाओं तथा अस्पतालों को बंद किया जा रहा है। यह घोर जनविरोधी कदम है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ रही है। सरकार की ऐसी कार्रवाई जनता की नजर में द्वेषपूर्ण व पूरी तरह से गैर जरूरी है।बसपा अध्यक्ष मायावती ने रविवार को लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की और कहा कि पार्टी खुद को मजबूत कर 2024 का चुनाव अकेले लड़ेगी।

