अमलापुरम: आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टला, लेकिन इसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। जिले के मलिकिपुरम मंडल स्थित इरुसमांडा गांव के पास ओएनजीसी (ONGC) की पाइपलाइन में अचानक हुए बड़े पैमाने पर गैस रिसाव के बाद भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते आसपास का आसमान काले धुएं से ढक गया और लपटों ने सैकड़ों नारियल के पेड़ों को अपनी चपेट में ले लिया।
धमाके के साथ फटी पाइपलाइन, मची अफरा-तफरी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के वक्त एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पाइपलाइन से गैस का रिसाव शुरू हुआ और आग भड़क उठी। धमाके की आवाज सुनते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना ओएनजीसी के अधिकारियों और प्रशासन को दी। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आसपास के सैकड़ों नारियल के पेड़ जलकर राख हो गए हैं। सूचना मिलते ही ओएनजीसी की टेक्निकल टीम और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं।
मरम्मत के दौरान हुआ हादसा, गांव कराए जा रहे खाली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे के समय ओएनजीसी के कुएं पर तकनीकी मरम्मत का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि एक निजी कंपनी ने करीब 10 दिन पहले ही यहां गैस भंडारों पर काम शुरू किया था, इसी दौरान यह दुर्घटना घटी। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के आसपास के गांवों को खाली करवाना शुरू कर दिया है। लाउडस्पीकर के जरिए घोषणाएं कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
CM नायडू ने दिए सख्त निर्देश
इस गंभीर घटना का संज्ञान लेते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली है। उन्होंने प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। सीएम ने स्पष्ट कहा है कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावितों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
गनीमत रही कोई हताहत नहीं
राहत की बात यह है कि इतनी बड़ी आगजनी और गैस रिसाव के बावजूद अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। दमकल विभाग और ओएनजीसी की टीमें आग पर पूरी तरह काबू पाने और रिसाव को बंद करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं।

