चंडीगढ़ जिला कोर्ट में शनिवार को पंजाब पुलिस के रिटायर एआईजी ने अपने दामाद की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों परिवारों के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। इसी मामले में दोनों पक्ष शनिवार को चंडीगढ़ फैमिली कोर्ट में पहुंचे थे। आरोपी की पहचान रिटायर एआईजी मानवाधिकार मालविंदर सिंह सिद्धू के तौर पर हुई है। मरने वाला दामाद हरप्रीत सिंह कृषि विभाग में आईआरएस था।
चंडीगढ़ की जिला सेशन कोर्ट में आज गोलियां चलने का मामला सामने आया है। यह घटना सेक्टर 43 में घटित हुई। एक निलंबित एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू ने अपने दामाद जोकि आईआरएस अधिकारी था, को गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी। वारदात की वजह घरेलू कलह बताई जा रही है। आज दोनों पक्ष झगड़े के निपटारे के लिए कोर्ट पहुंचे थे।
मीडिएटर अधिवक्ता द्वारा दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर बातचीत की जा रही थी। इसी दौरान रिटायर आईजी मलविंदर सिंह सिद्धू ने बाथरूम जाने की बात कही। अधिवक्ता ने उन्हें कमरे में से ही बाहर शौचालय जाने का रास्ता बताया लेकिन दामाद हरप्रीत सिंह ने कहा कि चलिए वह बाथरूम का रास्ता दिखा देता है। हरप्रीत अपने ससुर को लेकर मीडिएशन कमरे से बाहर आया तो कुछ सेकेंड बाद ही बाहर से गोली चलने की आवाज आने लगी। एक के बाद एक करके चार-पांच गोलियां चलने की आवाज आई।
जब वकील ने कमरे में से बाहर देखा तो सिद्धू हाथ में बंदूक लिए अपने दामाद पर गोलियां चला रहा था। अधिवक्ता ने कमरे में अंदर से कुंडी लगा ली और सभी लोग टेबल के नीचे छिप गए। एक गोली मीडिएशन वाले कमरे के दरवाजे की तरफ भी चली। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के अन्य कर्मचारी व वकील एकत्र हो गए और उन्होंने एआईजी को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया।
मृतक की पहचान हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। हरप्रीत सिंह का पत्नी के साथ तलाक का केस चल रहा था। इसी केस की सुनवाई के लिए वह कोर्ट पहुंचे थे। पुलिस ने आरोपी ससुर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक हरप्रीत सिंह कृषि विभाग में आईआरएस अधिकारी थे। उनका पत्नी के साथ काफी समय से तलाक का केस चल रहा है। शनिवार को लड़का और लड़की पक्ष सुनवाई के लिए कोर्ट में पहुंचे थे। यहां कोर्ट ने दोनों पक्षों को मेडिएशन सेंटर भेजा था। यहां दोनों पक्षों की काउंसलिंग चल रही थी। इस बीच, लड़की के पिता पंजाब पुलिस के पूर्व एआईजी मालविंदर सिंह सिद्धू ने बाथरूम जाने की बात कही। वह अपने दामाद हरप्रीत को रास्ता पूछने के बहाने मेडिएशन सेंटर से बाहर ले गया। बाहर आते ही ससुर ने करीब 5 राउंड फायरिंग की। जिसमें 2 गोलियां हरप्रीत सिंह को लगी।

