चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा को जीत मिली है। भाजपा की हरप्रीत कौर बबला चंडीगढ़ की नई मेयर बन गई हैं। सुबह 11 बजे निगम चुनाव के लिए मतदान शुरू हुआ। साढ़े 12 बजे परिणाम घोषित होते ही भाजपाई जश्न में डूब गए।
पार्टी की ओर से घोषित कैंडिडेट हरप्रीत बाबला को 19 वोट मिले हैं, जबकि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की संयुक्त उम्मीदवार प्रेमलता को 17 वोट ही मिल पाए। भाजपा की हरप्रीत बाबला दूसरी बार की पार्षद हैं। वह सेना के रिटायर्ड कर्नल की बेटी हैं और पूर्व पार्षद देविंदर सिंह बाबला की पत्नी हैं। वह पहले कांग्रेस में रही हैं, लेकिन अब भाजपा के साथ हैं। इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग की भी खबर है। भाजपा के पास 16 वोट ही थे, लेकिन उसे तीन मत क्रॉस वोटिंग के भी मिले हैं। इस बार मेयर का पद महिला पार्षद के लिए आरक्षित था। इसलिए दोनों तरफ से महिला कैंडिडेट ही थीं।
इस मौके हरप्रीत बाबला के पति देविंदर सिंह बाबला ने कहा कि हमें पहले ही भरोसा था कि भाजपा को जीत मिलेगी। अब तक मेयर कुलदीप कुमार ने निगम में लूट मचाकर रखी थी। वह सिर्फ अपने लिए कमाने में जुटे थे। उनके पार्षद भी व्यवहार से नाराज थे। इसी के चलते इन लोगों ने भी हमें वोट दिया। अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षद आम आदमी पार्टी के हैं या फिर कांग्रेस के हैं। इलेक्शन में पहला वोट सांसद मनीष तिवारी ने डाला।
हरप्रीत कौर बबला सेना के परिवार से भी संबंध रखती हैं। क्योंकि उनके पिता सेना से कर्नल रिटायर थे। उनके दो बेटे हैं। एक बेटा परमवीर सिंह बबला पेशे से वकील है और दूसरा बेटा युधवीर सिंह बबला ट्राईसिटी में रियल एस्टेट का काम करता है। परमवीर सिंह बबला चंडीगढ़ क्लब लिमिटेड के सबसे युवा कार्यकारी सदस्य हैं।

