जल की स्वच्छता के साथ, मन की स्वच्छता भी आवश्यक-सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज
कपूरथला, 26 फरवरी, 2023: ( गौरव मढ़िया)आजादी के 75वें ‘अमृत महोत्सव’ के तत्वावधान में सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता जी के पावन कर कमलों से सुबह 8 बजे ‘अमृत परियोजना’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल स्वच्छ मन’ का शुभारंभ यमुना छठ घाट (आईटीओ) से किया गया।
इसके साथ ही सत्गुरु माता जी के पावन आशीर्वाद से यह परियोजना समूचे भारतवर्ष के 1100 से अधिक स्थानों के 730 शहरों, 27 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में विशाल रूप से एक साथ आयोजित की गई। बाबा हरदेव सिंह जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए संत निरंकारी मिशन द्वारा निरंकारी सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दिव्य निर्देशन में ‘अमृत परियोजना’ का आयोजन हुआ।

इस अवसर पर संत निरंकारी मिशन के सभी अधिकारीगण, केंद्रीय एवं राज्य सरकार के मंत्री, गणमान्य अतिथि तथा हजारों की संख्या में स्वयंसेवक और सेवादल के सदस्य सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण संत निरंकारी मिशन की वेबसाइट के माध्यम से किया गया, जिसका लाभ देश एवं विदेशों में बैठे सभी श्रद्धालुओं एवं निरंकारी भक्तों ने प्राप्त किया।
इस परियोजना का शुभारंभ करते हुए सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज ने जल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परमात्मा ने हमे यह जो अमृत रूपी जल दिया है तो हम सभी का कर्त्वय बनता है कि हम सब उसकी उसी तरह संभाल करे।

स्वच्छ जल के साथ साथ मनों का भी स्वच्छ होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि इसी भाव के साथ हम संतों वाला जीवन जीते हुए सभी के लिये परोपकार का ही कार्य करते हैै। इसी कड़ी में कांजली झील के आस पास संत निरंकारी मिशन जोन कपूरथला के जोनल इंचार्ज गुलशन लाल आहूजा के नेतृत्व में सफाई और पौधे लगाने का अभियान चलाया गया।
इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम कपूरथला लाल विश्वास बैंस विशेष मेहमान के रूप में उपस्थित हुए और प्रोजेक्ट अमृत के अंतर्गत सफाई और पौधे लगाने के अभियान का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने संबोधन में संत निरंकारी मिशन की ओर से वातावरण को शुद्ध रखने के लिए के किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की और आम लोगों को भी अपने आसपास के वातावरण को संभालने की अपील की।

उन्होंने आगे बताया कि स्वच्छ वातावरण से जहां हम खुद स्वस्थ रहेंगे। उसके साथ-साथ जीव-जंतु , पक्षी और पानी के जीव भी सुरक्षित रह सकते हैं। गुलशन आहूजा ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में कपूरथला, सुल्तानपुर लोधी, रेल कोच फैक्टरी, लखन के पड्डा और बेगोवाल की संगतों और निरंकारी सेवादल ने सेवाएं की।
इस अभियान में भाग लेने और सहयोग करने वालों का धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम की प्रबंध व्यवस्था बहुत ही उत्तम रूप से की गई जिसमें सभी सेवादारों एवं आंगतुको के बैठने, जलपान, पार्किंग, मेडिकल इत्यादि का समुचित प्रबंध किया गया। अमृत प्रोजेक्ट के मध्य सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न जल निकायों हेतु समूचे देश में दिये गये दिशानिर्देशों का उचित रूप से पालन किया गया,

जिसमे रेड जोन सभी के लिए पूर्णतः वर्जित था। कार्यक्रम का मुख्य स्थल येलो ज़ोन था और इसके अतिरिक्त ग्रीन ज़ोन में सुरक्षा हेतु महिलाओं एवं बालको के प्रवेश की अनुमति दी गई। इस परियोजना में अधिक से अधिक युवाओं का सक्रिय योगदान रहा। कार्यक्रम के मध्य केवल पर्यावरण अनुकूल उपकरणों का ही प्रयोग किया गया।
प्लॉस्टिक की बोतलों, थर्माकॉल इत्यादि का प्रयोग सभी के लिए पूर्णतः वर्जित था। कार्यक्रम के समापन पर सम्मिलित हुए अतिथि गणों ने मिशन की भूरी भूरी प्रशंसा की और साथ ही निरंकारी सत्गुरु माता जी का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मिशन ने जल संकट से बचाव हेतु ‘जल संरक्षण’ एवं ‘जल निकायो’ की स्वच्छता जैसी इस कल्याणकारी परियोजनाओं को क्रियान्वित स्वरूप दिया है
जो निश्चित रूप से समाज के उत्थान हेतु एक अहम कदम है। संत निरंकारी मिशन समय समय पर ऐसी ही अनेक परियोजनाओं में सक्रिय रूप से सम्मिलित रहा हैै जिनमें विशेषतः पर्यावरण संरक्षण हेतु ‘वननेस वन परियोजना’ और उसके उपरांत जल संरक्षण हेतु ‘अमृत प्रोजेक्ट’ प्रमुख है।

